झांसी दुर्ग से ग्वालियर पहुंची शहीद ज्योति, रानी की समाधि पर स्थापित, दीपदान भी हुआ

ग्वालियर । अतुल सक्सेना| Gwalior News पिछले 20 वर्षों से जारी वीरांगना बलिदान मेले का दो दिवसीय आयोजन शहीद ज्योति यात्रा के आत्मीय स्वागत के साथ बुधवार की रात हुआ। वीरांगना बलिदान मेले के संस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया और ग्वालियर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने रानी की पुण्य आत्मा की प्रतीक शहीद ज्योति को फूलबाग स्थित रानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर स्थापित किया। यहाँ दीपदान किया गया और चीन में शहीद हुए वीर सैनिकों को नमन कर दीप जलाए।

बुधवार की रात बुंदेलखंडी युवाओं की टोली झांसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई की पुण्य आत्मा की प्रतीक शहीद ज्योति झांसी दुर्ग से ग्वालियर लेकर पहुंचे। जिसे वीरांगना मेला के संस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया, ग्वालियर सांसद विवेक नारायण शेजवलकर ने गाइड लाइन का पालन करते हुए 20 लोगों की टोली और वीरांगना की झांकियों के साथ पदयात्रा करते हुए लक्ष्मीबाई समाधि स्थल पर पहुंचे। शहीद ज्योति स्थापित करने के बाद नागरिकों ने समाधि स्थल पर कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए दीपदान किया। साथ ही चीन की सीमा पर शहीद हुए भारत के जवानों की शहादत पर दीप जलाए। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष श्री कमल माखीजानी, डाॅ हरिमोहन पुरोहित, कनवर मंगलानी, दीपक शर्मा, राकेश खुरासिया, ओमप्रकाश शेखावत, दारासिंह सेंगर, पवनकुमार सेन, मंडल अध्यक्ष बृजमोहन शर्मा, प्रयाग तोमर, हरीश यादव, डाॅ राकेश रायजादा सहित ग्वालियर के नागरिकगण उपस्थित रहे।

गुरुवार सुबह पवैया बैठेंगे श्रद्धांजलि उपवास पर

18 जून की सुबह 8 बजे पुष्पांजलि करने के पश्चात् बलिदान मेला के संस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री जयभान सिंह पवैया 20 प्रतिष्ठित नागरिकों के साथ प्रातः 8 से 12 बजे तक वीरांगना को भाव सुमन अर्पित करने श्रद्धांजलि उपवास पर बैठेंगे। साथ ही चीन सीमा पर शहीद हुए भारतीय जवानों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। साँय ठीक 7:55 बजे सांस्कृतिक झांकियों के साथ देश के नाम चिन्ह ओज कवि विनीत चौहान फेसबुक पर लाइव काव्यपाठ करेंगे। इस मौके पर 20 वर्षों से आयोजित होने वाले ऐतिहासिक समारोह पर आधारित डॉक्युमेंट्री का प्रदर्शन किया जायेगा