मंत्री के निर्देश- “कर्मचारियों के योग्यता प्रमाणपत्रों की जांच कर पुलिस वेरीफिकेशन कराएं”

अतुल सक्सेना/ग्वालियर। चिकित्सा शिक्षा, आयुष एवं संस्कृति मंत्री डॉ.विजय लक्ष्मी साधौ ने कहा कि चिकित्सक का पेशा संवेदनशील एवं मानव सेवा से जुड़ा हुआ है। चिकित्सा महाविद्यालय से निकले चिकित्सक आम जनता को ऐसी सेवाऐं दें ताकि लोग उन्हें हमेशा याद रख सकें। चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ बुधवार को शासकीय गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय ग्वालियर की सामान्य परिषद की बैठक को संबोधित कर रही थीं।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ ने बैठक में बिंदुवार समीक्षा करते हुए चिकित्सालय में अल्ट्रासोनोग्राफी मशीन, वेन्टीलेटर एवं आवश्यक उपकरण लगाए जाने के निर्देश दिए। डॉ. साधौ ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सक का समाज में महत्वपूर्ण स्थान है। ईश्वर जहां मनुष्य को जन्म देता है वहीं एक चिकित्सक उसको जीवन देने का कार्य करता है। अत: चिकित्सक मानवीय दृष्टिकोण एवं संवेदनशीलता के साथ मानव सेवा के रूप में मरीजों की सेवा करें। डॉ. साधौ ने कहा कि प्रदेश में 6 चिकित्सा महाविद्यालय थे जो अब बढ़कर 13 हो चुके हैं। प्रदेश में चिकित्सा महाविद्यालयों को खोलने का मुख्य उद्देश्य आम जनता को और अधिक बेहतर स्वास्थ्य सेवायें देना हैं। चिकित्सा महाविद्यालय में सीटों की भी बढ़ोत्तरी की गई है। डॉ. साधौ ने चिकित्सा महाविद्यालयों में किए जा रहे कार्यों के साथ आय-व्यय की भी समीक्षा की।  डॉ. साधौ ने महाविद्यालय के कराए गए ऑडिट के संबंध में जानकारी लेते हुए कहा कि आंतरिक ऑडिट के दौरान जो कमियां पाई गई हैं उन्हें एक माह में दूर कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने हाईट्स कंपनी द्वारा रखे गए सुरक्षा एवं सफाईकर्मी और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की जानकारी लेते हुए कहा कि इन कर्मचारियों को संबंधित विभाग के प्रभारी अपनी मांग चिकित्सा महाविद्यालय के डीन को दें। जिससे डीन के माध्यम से कंपनी कर्मचारी उपलब्ध करा सकें । जिससे संबंधित विभाग को कर्मचारी भेजे जा सकें। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग में कर्मचारी भेजने के पूर्व डीन शासन के नियमों के अनुरूप कर्मचारियों की योग्यता के प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के साथ पुलिस वैरीफिकेशन भी करायें। उन्होंने निर्देश दिए कि कर्मचारियों द्वारा कार्य नहीं करने या अनुपस्थित पाए जाने पर कर्मचारी उपलब्ध कराने वाली कंपनी पर पैनल्टी लगाने की भी कार्रवाई करें। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय की डीन को निर्देश दिए कि स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय होने के कारण आय के स्त्रोत भी विकसित करें। इसके लिए निजी वार्ड एवं ऑडिटोरियम का समिति के माध्यम से शुल्क भी निर्धारण करें। उन्होंने पीआईयू के कार्यपालन यंत्री को निर्देश दिए कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत निर्माण किए जा रहे भवनों की डीपीआर कार्यों की स्थिति के साथ प्रस्तुत करें। संभाग आयुक्त एम बी ओझा ने पीआईयू एवं लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे हैं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं मानक स्तरों के अनुरूप समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालय के डीन एवं जेएएच के अधीक्षक को भी निर्देश दिए कि संचालित निर्माण कार्यों की समय-समय पर निगरानी एवं समीक्षा भी करें, किसी प्रकार की परेशानी या कठिनाई आने पर उन्हें भी अवगत कराएं। बैठक में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, बायोमैट्रिक मशीन, सेंट्रल ड्रग स्टोर का आधुनिकीकरण, कॉन्फ्रेंस हॉल, जेएएच एवं अन्य शासकीय चिकित्सालयों से निकलने वाले बायोवेस्ट मटेरियल को नष्ट करने हेतु इन्सुलेटर हेतु जमीन आवंटन आदि पर चर्चा की गई। बैठक में सुपर स्पेशिलिटी चिकित्सालय में वीआईपी एवं प्राइवेट वार्ड बनाने हेतु प्रस्ताव भेजने के भी निर्देश दिए। बैठक में ग्वालियर संभाग आयुक्त एम बी ओझा, गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय की डीन डॉ. सरोज कोठारी, जेएएच के अधीक्षक डॉ. अशोक मिश्रा, प्रशासनिक अधिकारी डॉ. ओ पी श्रीवास्तव सहित चिकित्सा महाविद्यालय के चिकित्सकगण तथा संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।