स्वाइन फ्लू : मॉनिटरिंग कर रहे विशेषज्ञ बीमार, ब्लड सेम्पल जांच के लिए भेजा, 4 मरीज और पॉजिटिव मिले

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ग्वालियर । ग्वालियर जिले में स्वाइन फ्लू की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संभालने वाले महामारी विशेषज्ञ बीमार हो गए हैं। उन्हें सर्दी खांसी जुकाम होने के कारण डॉक्टर्स ने आराम की सलाह दी है। उनका ब्लड सेम्पल जांच के लिए भेजा गया है। उनकी बीमारी के चलते पॉजिटिव मरीजों के घर किया जाने वाला सर्वे काम फिलहाल रोक दिया गया है।

ग्वालियर जिले में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आने वाले मरीजों के घर पर महामारी विशेषज्ञ परिजनों का चेकअप करने जाते हैं। नियमानुसार उनको एवं उनकी टीम का वैक्सीनेशन होना चाहिए। ग्वालियर में लगातार बढ़ रहे स्वाइन फ्लू के कारण टीम मरीजों के सतत संपर्क में रहती है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही की हद ये है कि महामारी विशेषज्ञ महेन्द्र पिपरोलिया ने ही वैक्सीनेशन नहीं कराया है। शुक्रवार को सर्दी जुकाम, बुखार से पीड़ित होने पर उन्हें स्वाइन फ्लू की आशंका जताई गई है। इसलिए महामारी विशेषज्ञ का सेम्पल लेकर स्वाइन फ्लू टेस्ट के लिए डीआरडीओ भेजा गया है। इसके चलते अब स्वाइन फ्लू पॉजीटिव आने वाले मरीजों के घर पर परिजनों का चेकअप कुछ दिन तक नहीं हो सकेगा। इससे परेशानी अधिक बढ़ सकती है। उधर महामारी विशेषज्ञ के बीमार होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम भी डर गई है। क्योंकि अधिकांश का वैक्सीनेशन नहीं हुआ है। ऐसे में टीम में शामिल अन्य कर्मचारियों पर भी खतरा मंडरा रहा है। शुक्रवार को महामारी विशेषज्ञ सहित दो लोगों का सेम्पल जांच के लिए भेजा गया है।

गौरतलब है कि स्वाइन फ्लू के 9 संदिग्ध मरीजों के सेम्पल जांच के लिए डीआरडीओ भेजे गए थे। जिसमें से दो मरीज जेएएच के जबकि दो बिडला अस्पताल के जांच में स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाए गए हैं। वहीं एक गर्भवती महिला को गंभीर हालत में जेएएच के आईसीयू में भर्ती किया गया है। महिला में स्वाइन फ्लू के लक्षणों को देखते हुए सेम्पल जांच के लिए डीआरडीओ भेजा गया था। जिसकी रिपोर्ट अनकंक्लूसिव आई है। इसलिए अब मरीज का सेम्पल दोबारा जांच के लिए भेजा जाएगा। महिला को फिलहाल आईसीयू में रखा है, अन्य मरीजों में संक्रमण नहीं फैले इसलिए मॉस्क लगा दिया गया है। उधर कलेक्टर भरत यादव ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों की बैठक लेकर चेतावनी दी कि यदि स्वाइन फ्लू के उपचार को लेकर अधिकारी या कर्मचारी ने लापरवाही बरती तो सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही शहरवासियों को सलाह दी गई है कि वह मॉस्क का प्रयोग करें एवं सावधानी बरतें। इस दौरान कलेक्टर ने कहा कि मीजल्स रूबेला टीकाकरण अभियान में 26 फरवरी तक सभी स्कूल अपनी रिपोर्ट दें, यदि शत प्रतिशत टीकाकरण नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी।