तलत अजीज की गजलों ने तेज सर्दी में भी श्रोताओं को बांधे रखा

ग्वालियर। पांच दिवसीय तानसेन संगीत समारोह की पूर्व संध्या पर हजीरा स्थित इंटक मैदान पर पूर्वरंग “गमक” कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आकर्षण थे प्रख्यात गजल गायक तलत अजीज। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर थे। कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए उन्होंने कहा कि संगीत सम्राट तानसेन से ग्वालियर को पहचान मिली है । इसीलिए इसे संगीत नगरी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि अगले साल से इसे और भव्यता प्रदान की जाएगी। निर्धारित समय से लगभग 2 घंटे देरी से मंच पर पहुंचे तलत अजीज से सबसे पहले श्रोताओं से माफ़ी मांगी। उन्होंने कहा कि मैं तानसेन की समाधि पर हाजिरी लगाने चला गया था लेकिन पता नहीं वहां क्या जादू है समय का पता ही नहीं चला। उन्होंने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत रात के राग बागेश्री से की। उन्होंने पहली गजल सुनाई “फिर छिड़ी बात बात फूलों की , रात है या बारात फूलों है” इसके बाद उन्होंने एक के बाद एक ” तुम मेरे पास होते तो गोया , जब कोई दूसरा नहीं होता” , तुम हमारे किसी तरह न हुए , वरना दुनिया में क्या नहीं होता”, “जिंदगी जब भी मेरी बज्म में लाती है हमें” गजलें सुनाई। कार्यक्रम में ताज सर्दी के बावजूद श्रोता आधी रात तक जमें रहे और आनंद लेते रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here