सामूहिक अवकाश पर गए तहसीलदार, नायब तहसीलदार ने लौटाए सरकारी वाहन और डोंगल

सामूहिक अवकाश पर गए तहसीलदार, नायब तहसीलदार ने लौटाए सरकारी वाहन और डोंगल

Tehsildar, Naib Tehsildar  strike : शासन से नाराज तहसीलदार, नायब तहसीलदार और एसएलआर अब आरपार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं, पिछले चार दिनों से काली पट्टी बांधकर विरोध जताते हुए शासकीय कार्य कर रहे ये अधिकारी अब तीन दिनों के लिए सामूहिक आवक्ष पर चले गए हैं, ग्वालियर में हड़ताली अधिकारियों ने आज ज्ञापन सौंपते हुए अपने शासकीय वाहन लौटा दिए साथ ही शासकीय डोंगल भी लौटा दिया, यानि वे किसी भी तरह का शासकीय कार्य तिन दिनों में नहीं करेंगे।

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मध्य प्रदेश में सभी कनिष्ठ राजस्व अधिकारी अपनी मांगों को लेकर 3 दिन के सामूहिक अवकाश पर चले गये हैं, उनकी मांग है कि सात साल से बंद उनकी पदोन्नति की जाये, नायब तहसीलदारों को राजपत्रित का दर्जा मिलना चाहिए और वेअत्न विसंगतियां दूर की जाएँ। अवकाश पर गए तहसीलदारों ने बताया कि वे सोमवार , मंगलवार और बुधवार सामूहिक अवकाश पर रहेंगे, ये फैसला हमारे प्रांतीय संघ ने लिया है।

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ग्वालियर में सामूहिक आवक्ष पाए गए सभी राजस्व अधिकारियों ने अपने सरकारी वाहनों को शासन को सौंप दिया है और शासकीय डोंगल जमा करा दिए हैं यानि वे इन तीन दिनों में कोई भी शासकीय कार्य नहीं करेंगे। अवकाश पर रहने वाले अधिकारियों में तहसीलदार, नायब तहसीलदार और एस एल आर के शामिल है।

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हड़ताल पर गए कनिष्ठ राजस्व अधिकारीयों ने अपनी मांगों को लेकर राजस्व मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है, इस बार वे आरपार में मूड में दिखाई दे रहे हैं, उनका कहना है कि वे लम्बे समय से मांग कर रहे हैं लेकिन शासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा, बहरहाल चुनावी साल में सरकार की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी तहसीलदार, नायब तहसीलदार और एसएलआर का हड़ताल पर जाना सरकार के लिए परेशानी पैदा कर सकता है।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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