165 लोगों की नई सूची ने बढ़ाई प्रशासन की चिंता, खोजबीन जारी, 18 जमातियों को क्वारेंटाइन में भेजा

ग्वालियर।अतुल सक्सेना| पिछले दिनों निजामुद्दीन मरकज के आसपास की लोकेशन वाले 25 जमातियों की सूची मिलने के बाद स्थानीय प्रशासन के पास 165 ऐसे लोगों की सूची मिली है जिनकी लोकेशन मरकज या निजामुद्दीन स्टेशन के आसपास थी। इस सूची के बाद प्रशासन में हड़कंप है और उसकी चिंता बढ़ गई है। वहीं 18 जमातियों को पुलिस ने क्वारेंटाइन में भेज दिया है हालांकि अभी किसी की सेम्पलिंग नहीं की गई है।

तबलीगी जमात के मरकज में शामिल हुए जमातियों के देश भर में फैले होने की सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मोबाइल टावर के रडार के माध्यम से इनकी खोजबीन शुरू की है। मोबाइल नंबर ट्रेस होने के बाद इनकी पूरी जानकारी निकालकर संबंधित जिलों को भेजी जा रही है। ग्वालियर पुलिस प्रशासन को पुलिस मुख्यालय भोपाल से अब तक दो सूची प्राप्त हुई जिसमें पहली सूची 25 लोगों की थी जिनके लोकेशन मरकज के दौरान उसी क्षेत्र में थी इनमें से 18 मुस्लिम लोगों को वर्तमान लोकेशन ग्वालियर में बताई गई थी। जबकि दूसरी सूची में 165 लोगों के नाम शामिल हैं जिनमें सभी वर्ग के लोग शामिल हैं। 18 जमातियों की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने तत्काल इन्हें ट्रेस किया और घर से ले जाकर बिरलानगर स्थित श्याम वाटिका में बने क्वारेंटाइन सेंटर में भेज दिया। प्रारंभि तौर पर इनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिले हैं ।इन्हें कुछ दिन यहाँ रखने के बाद घर भेजा जायेगा।

उधर पहली सूची मिलने के बाद पुलिस प्रशासन को 165 लोगों की सूची मिली जिसे पुलिस ने प्रशासन को सौंप दिया लेकिन इस बार ये सावधानी रखी गई कि पहली सूची की तरह ये सार्वजनिक नहीं होने पाए। वरना सूचीबद्ध लोग सावधान हो सकते हैं। 165 लोगों की बड़ी सूची मिलने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन के इंसीडेंट कमांडरों के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी इनकी खोजबीन में लगे हैं। अब तक लगभग आधे लोगों को खोजा जा चुका है। इनकी ट्रैवल हिस्ट्री जांची जा रही है। स्वास्थ्य विभाग इनकी जांच पड़ताल कर रहा है। विभाग का कहना है आवश्यकता महसूस होते ही इन्हें भी क्वारेंटाइन में भेजा जायेगा।

सूची पर भी लग रहे सवालिया निशान

जो सूची मोबाइल टॉवर के आधार पर बनाकर भेजी गई हैं उसपर सवाल उठ रहे हैं इसमें शामिल कुछ लोगों का कहना है कि मरकज के दौरान वे दिल्ली में जरूर थे लेकिन उसका हिस्सा नहीं थे। किसी ने कहा कि वो शादी में गया था, कोई व्यापार के लिए गया था। कोई परिचित से मिलने गया था तो किसी ने केवल निजामुद्दीन स्टेशन पर केवल ट्रेन बदली थी। एक ने तो यहाँ तक कहा कि वो साल भर से दिल्ली गया ही नहीं उसका भाई दिल्ली में उसके नाम की सिम इस्तेमाल करता है। वो दिल्ली में कैब चलाता है। प्रशासन ने इन सभी को पूरी जांच पड़ताल का भरोसा दिलाया है।

क्वारेंटाइन के लिए भेजा लेकिन नहीं की सेम्पलिंग

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं। उसके कहने पर जिला प्रशासन ने 18 जमातियों को बिरलानगर स्थित श्याम वाटिका में बने क्वारेंटाइन सेंटर में भेज दिया है लेकिन इनके सेम्पल जांच के लिए नहीं भेजे। जब सीएमचओ डॉ एस के वर्मा से इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच पड़ताल में इनमें से किसी में भी कोरोना के लक्षण नहीं है इसलिए सेम्पलिंग नहीं की गई। लेकिन डॉ वर्मा इस बात का जवाब नहीं दे पाए कि जब कोई लक्षण नहीं है तो क्वारेंटाइन भी क्यों किया गया है?