विधायक पर आरोप लगा व्यक्ति ने राज्यपाल को लिखा पत्र, 5 सितंबर को आत्महत्या का अल्टीमेटम

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ग्वालियर के एक व्यक्ति ने राज्यपाल को पत्र लिखकर आत्महत्या करने की अग्रिम सूचना दी है। उसका आरोप है कि वह कांग्रेस के विधायक अजब सिंह कुशवाह से इस कदर परेशान है कि अब जीवन समाप्त करने के अलावा उसके पास कोई चारा नहीं बचा है। उसका कहना है कि विधायक ने वादे के मुताबिक उसे उसका मेहनताना नहीं दिया।

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राज्यपाल को लिखे गए पत्र में वायु नगर, भिंड रोड निवासी सीताराम शर्मा ने लिखा है कि वह कांग्रेस विधायक अजब सिंह कुशवाह के द्वारा बुरी तरह से पीड़ित है। उसका कहना है कि अजब सिंह कुशवाह ने दीनदयाल नगर से लगी सरकारी भूमि पर बिना सरकार की स्वीकृति के एक कॉलोनी बनाई और उसका नाम अपने पिता स्व. भगवान सिंह के नाम पर भगवान सिंह नगर रखा। सीताराम का कहना है कि अजब सिंह कुशवाह ने उसे इस कॉलोनी में भूखंडों के विक्रय के लिए ब्रोकर बनाया था और कहा था कि भूखंड बिक जाएंगे तो वह उसके बदले उसे निश्चित राशि देगा। सीताराम का कहना है कि उसने लगभग 46000 वर्ग फुट के भूखंडों को विभिन्न लोगों को विक्रय करवा दिया जिसकी समस्त राशि अजब सिंह कुशवाह ने ले ली और इन भूखंडों की रजिस्ट्री अपने भतीजे सर्वेश कुशवाह और अपने रिश्ते के साले प्रमोद कुशवाह व सुपरवाइजर के द्वारा करा दी। लेकिन इसके बाद जब लोग कब्जा लेने पहुंचे तो पता चला कि कई अन्य लोगों को पहले से ही यह भूखंड बेच दिए गए हैं। सीताराम का कहना है कि अब यह पता चला है कि सारी जमीन सरकारी है और मेरे द्वारा बेचे गए भूखंडों पर लोगों को कब्जे नहीं मिल पा रहे हैं। हालात यह है कि जिन लोगों को सीताराम के माध्यम से भूखंड बेचे गए,वे अब सीताराम पर पैसे वापसी के लिए दबाव डाल रहे हैं और चैन से नहीं रहने दे रहे।

सीताराम का कहना है कि अजब सिंह को लाख बार कहने के बाद भी उन्होंने इस पूरे मामले में कोई कार्रवाई नहीं की और ना ही प्रशासन के अधिकारी उनकी सुनवाई कर रहे हैं। ऐसे हालात में सीताराम ने 5 सितंबर को दिन के 2 बजे अपनी जीवनलीला समाप्त करने का निर्णय लिया है और इस बात की सूचना पत्र के माध्यम से राज्यपाल को दी है। लेकिन इस पूरे मामले में सवाल यह भी है कि आखिरकार जब सीताराम को पता था कि जमीन सरकारी है तो उसने उसे बेचने में सहभागिता क्यों की।

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