बैंकों से डाटा खरीदकर अफसर बनकर करते थे ठगी, तीन गिरफ्तार

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ग्वालियर। जिले की क्राइम ब्रांच पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग गिरोह का पर्दाफाश करने में सफलता हासिल की है जो बड़े ही शातिराना तरीके से लोगों को ठगने का काम करते थे। ये गिरोह दिल्ली  में कॉल सेंटर की आड़ में अपना कारोबार चला रहा था। जबकि मास्टर माइंड चीन में बैठा है।

एडिशनल एसपी क्राइम पंकज पांडे के अनुसार सिपाही धर्मेन्द्र कंसाना के खाते से ठगों ने एटीएम कार्ड की डिटेल और ओटीपी नंबर पूछकर ठग लिया। ठगों ने धर्मेन्द्र से 71200 रुपये ठग लिए। जिसकी शिकायत धर्मेन्द्र ने एसपी नवनीत भसीन से की। घटना की जांच क्राइम ब्रांच टी आई विनोद छाबई को सौंपी गई। पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट की मदद से ट्रांजेक्शन करने वाले खाताधारक की जानकारी ली। ये खाते दिल्ली के निकले। पुलिस ने खाताधारक पवन कुमार जाटव नगली विहार नजफगढ़ नई दिल्ली, राकेश यादव नजफगढ़ को गिरफ्तार कर लिया। जब क्राइम ब्रांच ने इनसे कड़ी पूछ ताछ की तब गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने दबिश देकर गिरोह के दूसरे सदस्य मोहम्मद आशिफ उर्फ़ विक्की नजफगढ़ इशु हुड्डा नई दिल्ली और देवेन्द्र सिंह नई दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार ये ठग बैंक से मिलीभगत कर 100 प्रति व्यक्ति की दर से डेटा खरीदकर ठगी करते थे। ये गिरोह प्रतिदिन 3 से 4 लोगों से डेढ़ से 2 लाख रुपये की ठगी कर लेता था। पकड़े गए गिरोह का आरोपी अपनी गर्ल फ्रेंड के साथ चीन में है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल,सिम,दो रजिस्टर जिसमें क्रेडिट कार्ड का डेटा डिटेल बरामद की है। पुलिस को आरोपियों ने बताया कि वे अपने संपर्कों से दिल्ली को छोड़कर ग्वालियर,भिंड, मुरैना,श्योपुर सहित अन्य नजदीकी शहरों का डेटा चोरी कराते थे। जिसमे खाताधारक की जन्म तिथि,  आधार नंबर,पेन कार्ड सहित सभी जरुरी जानकारी जुटा लेते थे। और उसे अपनी बातों में उलझाकर ठग लेते थे।