तीन साल पहले दुकान में घुसकर दलित युवक की हत्या के तीन दोषियों को आजीवन कारावास

2017 को हुए हत्याकांड के सात आरोपियों में से तीन को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है और 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है जबकि शेष चार आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया

Court

ग्वालियर, अतुल सक्सेना| विशेष न्यायालय एट्रोसिटी एक्ट (Special Court Atrocities Act) ने तीन साल पहले 5 अक्टूबर 2017 को हुए हत्याकांड के सात आरोपियों में से तीन को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास (Life imprisonment) की सजा सुनाई है और 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड (Penalty) लगाया है जबकि शेष चार आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

विशेष लोक अभियोजक ओम प्रकाश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 5 अक्टूबर 2017 को हजीरा थाना क्षेत्र के गदाई पुरा राठौर चौक क्षेत्र में स्थित मोबाइल दुकानदार सौरव जाटव की कुछ दबंगों ने तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड को उस समय अंजाम दिया गया था, जब सौरभ जाटव अपनी मोबाइल एसेसरीज की दुकान पर बैठा हुआ था। शाम सात बजे स्थानीय बदमाश करण सिंह तोमर, वीर सिंह, आशु सिंह, राजा सिकरवार, मुला तोमर, लोकेंद्र सिंह और आशुतोष तिवारी उसके पास आ धमके। जरा सी बात पर कहासुनी के बाद करण ने कट्टा निकाल लिया और सौरव के सिर,पैर और सीने में तीन गोलियां मार दी। गोली लगने के बाद सौरव की मौके पर ही मौत हो गई। हजीरा पुलिस ने इस मामले में सभी सात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। साक्ष्य और गवाह के आधार पर न्यायालय ने करण सिंह तोमर, आशुतोष तिवारी और लोकेंद्र सिंह तोमर को हत्याकांड का दोषी ठहराते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया और 10-10 हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया। जबकि वीर सिंह, राजा सिकरवार, मुला तोमर और आशु सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।