फटकार का दिखा असर, इस बार मंत्री ने नहीं की ” महाराज” की चरण वंदना

ग्वालियर। कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपना सर्वस्व और खुद को “महाराज” का सेवक बताने वाले कमलनाथ के मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पिछले दो दौरों पर साक्षात् दंडवत प्रणाम कर सार्वजनिक रूप से चरण वंदना कर चुके हैं लेकिन दोनों बार उन्हें इसके लिए अपने “महाराज” से फटकार मिली । इसलिए इसबार इस फटकार का असर दिखाई दिया आज मंत्री तोमर ने “महाराज” की  चरण वंदना नहीं की। 

कभी नाले में उतरकर गंदगी साफ़ कर, कभी झाड़ू लेकर सड़कें और टॉयलेट साफ़ कर  चर्चा में रहने वाले कमलनाथ सरकार के सिंधिया समर्थक मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पिछले दिनों अपने “महाराज” यानि ज्योतिरादित्य सिंधिया की चरण वंदना कर चर्चा में आये । 11 नवम्बर को कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के ग्वालियर दौरे के समय रेलवे स्टेशन पर अचानक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने साक्षात् दंडवत प्रणाम पर सबको चौंका दिया था। अचनाक हुई इस घटना से सिंधिया भी अवाक् रह गए थे और मीडिया में ट्रोल होने के बाद शाम होते होते उन्होंने इसपर नाराजगी जताते हुए कहा कि मुझे इससे ख़ुशी नहीं हुई बल्कि दुख हुआ। लेकिन सिंधिया की इस नाराजगी का प्रद्युम्न सिंह तोमर पर कोई असर नहीं हुआ उल्टा उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं सिंधिया परिवार का सेवक हूँ और ऐसा कर मुझे गर्व होता है । मैं आगे भी ऐसा करूँगा। अपनी कही बात पर मंत्री तोमर काबिज रहे और उन्होंने 20 नवम्बर को फिर से ग्वालियर दौरे पर आये सिंधिया की चरण वंदना की। इस बार वे रेलवे स्टेशन के अन्दर नहीं गए और मीडिया से खुद को बचाते हुए स्टेशन के बाहर खड़े हो गए और सिंधिया के बाहर आते ही उनके पैरों में लेट गए। इस बार लोगों ने मोबाइल पर रिकॉर्डिंग कर वायरल कर दिया। यहाँ सिंधिया मंत्री तोमर को ऊँगली दिखाते फटकार लगाते हुए दिखाई दिए। आज फिर ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर के दौरे पर थे।  कांग्रेस पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी सिंधिया का स्वागत करने पहुंचे । लेकिन इस बार उन्होंने अपने “महाराज” की चरण वंदना नहीं की। समझा जा रहा है कि पिछली बार की डांट फटकार के डर से उन्होंने खुद को रोक लिया। 

स्वागत के दौरान सिंधिया भी रहे सतर्क

उधर नाम नहीं लिखने की शर्त पर कांग्रेस नेताओं ने बताया कि इस बार सिंधिया खुद सतर्क थे। उन्हें जब स्टेशन पर प्रद्युम्न दिखाई नहीं दिए और पता चला  कि वो बाहर स्वागत कर रहे हैं तो सिंधिया सतर्क हो गए। लाइन में खड़े कांग्रेस नेता सिंधिया का माला पहनाकर स्वागत कर रहे थे। जैसे ही वो प्रद्युम्न के पास पहुंचे बिना रुके पैदल आगे बढ़ लिए और थोड़ी दूर चलकर गाड़ी में बैठ गए। बहरहाल ऐसा लगता है कि मंत्री तोमर को इस बात का अहसास हो गया है कि यदि उनसे उनके “महाराज” नाराज हो गए तो उनके राजनैतिक भविष्य का क्या होगा?