अनोखा विरोध: छत छज्जे बालकनी में हाथों में लिए पोस्टर, लिखा- “जनता को भाषण नहीं राशन चाहिए”

ग्वालियर/अतुल सक्सेना

लॉक डाउन में सरकार द्वारा गरीब और निम्न मध्यम वर्ग को मुफ्त दिया जा रहा राशन उस तक नहीं पहुँच पा रहा। जनता राशन के लिए दर दर भटक रही है। प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण अधिकांश गरीब परिवार राशन के लिए मोहताज हैं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के आह्वान पर आज ऐसे ही परेशान लोगों ने अपने घर के दरवाजे, छज्जे, छत, बालकनी में खड़े होकर हाथ में पोस्टर लिए और विरोध जताया।

लॉक डाउन में भी बिना भीड़ जुटाए कैसे विरोध प्रदर्शन किया जा सकता है इसका उदाहरण आज ग्वालियर जिले में देखने को मिला। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और जन संगठनों के आह्वान पर ग्वालियर जिले की लगभग 115 गली, मोहल्ले, बस्तियों कालोनियों सहित गांवों व कस्बों में लोग सुबह एक निश्चित समय पर 10 मिनिट के लिए अपने अपने घरों के दरवाजों, छज्जों, बालकनियों, छतों पर हाथों में पोस्टर लेकर खड़े हुए। पोस्टर पर “भाषण नहीं राशन दो”, “गरीब परिवारों को आर्थिक मदद करो”, “सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से जीवनोपयोगी 16 वस्तुयें दो” व “बहुत हुई भाषण की भरमार, जनता को है राशन की दरकार” जैसे नारे लिखे हुए थे।

माकपा के ग्वालियर इकाई के जिला सचिव अखिलेश यादव के मुताबिक गरीब जनता राशन के लिये दर-दर भटक रही है, केंद्र सरकार इस मुश्किल घड़ी में मेहनतकश जनता को मदद करने की बजाय त्याग का पाठ पढ़ा रही है लेकिन दूसरी तरफ जनता पर काम के घण्टे बढ़ा रही है, असंगठित मजदूरों को जीविका चलाने के लिये कोई मदद नहीं कर रही है, ऐसी परिस्थितियों में माकपा सहित मजदूर, कर्मचारी, किसान, छात्र, युवा व बुद्धिजीवी वर्ग ने सरकार से सांकेतिक विरोध प्रकट करते हुये सरकार से मदद करने की मांग की।

MP Breaking News

MP Breaking News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here