लॉकडाउन में खेतों में बर्बाद हो रही सब्जियां, मुसीबत में किसान, प्रशासन बेपरवाह

ग्वालियर/अतुल सक्सेना

कोरोना के चलते  लॉक डाउन में बंद पड़ी सब्जी और फल मंडियों ने छोटे किसानों की कमर तोड़ दी है। उनकी सब्जियां खेतों में बर्बाद हो रहे हैं जिसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। जिला प्रशासन ने हालांकि लगभग एक पखवाड़े बाद शहर में सब्जी के लिए 10 पॉइंट बनाये हैं लेकिन यहाँ तक भी छोटे उत्पादकों का माल नहीं पहुँच पा रहा।

21 दिन के लॉक डाउन के बाद 19 दिन का लॉक डाउन शुरू हो चुका है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए जिला प्रशासन ने सब्जी और फल मंडियाँ बंद करवा दी हैै। लोग जब ज्यादा परेशान होने लगे तो लगभग एक पखवाड़े के बाद जिला प्रशासन ने शहर में सब्जी बेचने के लिए 10 नये थोक पॉइंट बना दिये। लेकिन इन थोक पॉइंट्स पर उन किसानों की सब्जी नहीं पहुँच पा रही है जो छोटे उत्पादक हैं। जिसका नतीजा ये है कि इन किसानों की सब्जियां खेतों में बर्बाद होने लगी हैं। गौरतलब है कि शहर के आसपास गांवों में गिरवाई, वीरपुर, धोकलपुर, भयपुरा, मऊ,जमाहर, भदरौली, सुसरा, आदि गांवो में किसानों सब्जी का उत्पादन करते हैं। लॉक डाउन में इन किसानों की सब्जी मंडी तक नहीं पहुँच पा रही है और गर्मी खेत में ही खराब हो रही है । खास बात ये है कि इन छोटे किसानों की चिंता ना तो प्रशासन को है और ना ही सत्ताधारी भाजपा या विपक्षी कांग्रेस को।

बढ़ती गर्मी ने इन छोटे सब्जी उत्पादक किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। ऐसे में इन किसानों की चिंता की तरफ प्रशासन मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। माकपा सचिव अखिलेश यादव ने महात्मा फुले फाउंडेशन के सुग्रीव सिंह कुशवाह के साथ कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से मुलाकात कर एक मांग पत्र सौंपा । मांग पत्र में पार्टी ने कहा कि प्रशासन ने जो दस स्थान आढ़तियों के लिए चिन्हित किये है उन स्थानों पर इन किसानों की सब्जी नहीं बिकने दी जा रही है जिसके कारण इन किसानों की सब्जियां खेतों में बर्बाद हो रही हैं। माकपा ने सुझाव दिया कि शहर में 10 औऱ स्थानों को चिन्हित कर इन किसानों को लॉक डाउन की शर्तों के साथ सब्जी बेचने की अनुमति दी जाए, ताकि किसान की फ़सल खराब ना हो और जनता को सस्ती सब्जी मिल सके। माकपा ने जिला प्रशासन से यह भी मांग की है कि छत्री मंडी के पास जो फ्रूट मंडी है वहाँ भी छोटे व्यापारियों के फल खराब हो रहे हैं, व्यापारियों को भी भले ही रात में चार घंटे के लिए सही, मंडी खोलने की सशर्त अनुमति दी जाए, व्यापारियों ने बताया है कि डबरा में ऐसी ही सशर्त अनुमति सी गई है। माकपा जिला सचिव अखिलेश यादव ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि मांग पत्र पर सकारात्मक रूप से शीघ्र विचार कर उचित निर्णय लें जिससे छोटे उत्पादक किसानों की सब्जियों की बर्बादी को रोका जा सके।