सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट के लोग स्कूल ग्राउंड पर दीवार बनाने पहुंचे तो छात्रों ने किया हंगामा

ग्वालियर। रियासतकालीन शहर ग्वालियर में शहर के चारों और सिंधिया राजवंश की जमीनें रहीं हैं। कुछ जमीने बिक गई तो कुछ पर सिंधिया के ट्रस्ट के कब्जे में हैं। शहर मन कई जगह सिंधिया देवस्थान की जमीने हैं। इन्हीं जमीनों में से एक हरिदर्शन स्कूल के पास के खेल मैदान की जमीन पर दीवार पर बनाने पहुंचे सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट के लोगों को छात्रों के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। स्कूल प्रबंधन इसे शासकीय भूमि बता रहा है तो सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट अपनी निजी संपत्ति।

सिंधिया राजवंश के समय बनी बिल्डिंगों में आजादी से पहले से संचालित ग्वालियर के हरिदर्शन स्कूल के पास की खुली भूमि पर सिंधिया देव स्थान ट्रस्ट के कर्मचारियों द्वारा दीवार बनाए जाने के दौरान विवाद खड़ा हो गया। गौरतलब है कि रियासतकालीन इस स्कूल में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सहित देश की नामचीन हस्तियाँ शिक्षा ले चुकी हैं। सिंधिया देव स्थान ट्रस्ट पूर्व में अपने स्वामित्व में आने वाली स्कूल परिसर की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए नोटिस दे चुका है। दरअसल हरिदर्शन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की 22 बीघा जमीन के कब्जे को लेकर प्रशासन और सिंधिया देव स्थान ट्रस्ट आमने सामने हैं। शनिवार को स्कूल की भूमि पर बाउंड्री का निर्माण करने पहुँचे ट्रस्ट के कर्मचारियों को स्कूल स्टाफ और बच्चों के साथ स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा।स्कूल प्रबंधन का आरोप है कि 1946 के पूर्व से स्कूल चल रहा है। स्कूल के लिए जमीन माधवराव सिंधिया के पिता ने दान की थी। सिंधिया देव स्थान ट्रस्ट दो वर्ष पहले भी स्कूल की भूमि पर अतिक्रमण करने की कोशिश कर चुका है। किंतु अब सरकार कांग्रेस की है। इन्होंने बाउंड्री वॉल का निर्माण कर लिया है। मामला ज्योतिरादित्य सिंधिया से जुड़ा होने के कारण जिला प्रशासन भी भारी दबाव में नजर आ रहा है। उधर इस मामले में एडीएम किशोर कान्याल का कहना है मामले में जाँच की जा रही है। उनका कहना है कि सिंधिया देवस्थान ट्रस्ट  कागजात होने की बात कह रहा है । उसी के हिसाब से आज वो दीवार बनाने गया था जहाँ विद्यालय प्रबंधन और बच्चों ने विरोध जताया है। जल्दी ही निराकरण करा दिया जायेगा। बहरहाल यदि स्कूल के पास की खुली पर ट्रस्ट कब्ज़ा करता है तो स्कूल में पढ़ने वाले 750 छात्रों के खेलने का स्थान चला जायेगा इसे लेकर न तो शिक्षा विभाग और ना ही जिला प्रशासन क्योंकि  सिंधिया से जुड़ा होने के कारण कोई पंगा नहीं लेना चाहता।