आखिर क्यों पकड़े इमरती ने सिंधिया के सामने कान, देखें वीडियो

आखिर क्यों पकड़े इमरती ने सिंधिया के सामने कान, देखें वीडियो

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। अपने बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाली इमरती देवी(Imarti Devi) आज चुप  और अपने कानों को पकड़ते दिखाई दीं। गुरुवार को ग्वालियर (Gwalior News) में जैसे ही केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) से उनका सामना हुआ सिंधिया ने उन्हें मास्क के लिए टोक दिया, सिंधिया ने इमरती को सर्जिकल मास्क लगाने की हिदायत दी तो इमरती ने तुरंत अपने “महाराज” के सामने अपने दोनों कान पकड़ लिए।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया आज गुरुवार को ग्वालियर के दौरे पर थे, मोतीमहल में स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में उन्होंने कोरोना की समीक्षा बैठक की। यहाँ पहले से ही मौजूद लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त) इमरती देवी भी मौजूद थी। सिंधिया ने उनकी तरफ नाराज नजरों से देखा तो इमरती ने तत्काल “महाराज” के पैर छू लिए। कहा जा रहा है कि पिछले दिनों इमरती देवी द्वारा मास्क फेंके जाने का वायरल वीडियो सिंधिया के पास भी पहुंचा था जिससे वो नाराज थे।

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सिंधिया बैठक ख़त्म कर जैसे ही बाहर आये इमरती देवी ने फिर उनके पैर छुए, लेकिन जैसे ही सिंधिया पास आये उन्होंने इमरती का मास्क देखकर उन्हें टोक दिया। दरअसल इमरती देवी सादा कपड़े का मास्क लगाई थी, सिंधिया ने टोकते हुए कहा कि कोरोना अभी गया नहीं हैं कपड़े का मास्क नहीं सर्जिकल मास्क लगाओ, जैसे मैं और पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह जी लगाए हैं, “महाराज” के मुंह से इतना सुनते ही इमरती देवी ने अपने दोनों कान पकड़ लिए और फिर सिंधिया आगे बाद गए।  अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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