अमृत योजना के लिए खोदी गयी सड़कें बनी जानलेवा, गड्ढे में गिरे युवक की मौत

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 ग्वालियर। एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ ने 7 फरवरी को अपनी एक खबर में  अमृत योजना के तहत खोदी गई सड़कों पर गिरकर घायल होते हुए शहरवासियों की स्थिति बताई थी और आशंका जताई थी कि ये जानलेवा भी हो सकती हैं । और जिसकी आशंका थी वही हुआ। अमृत योजना के तहत खोदी गई सड़कों के गड्ढे  न्र एक युवक की जान ले ली जबकि फ़ो अन्य अस्पताल में  जिन्दगी और मौत से जूझ रहे हैं। 

घटना  5 फरवरी की है जब रात 10:30 बजे संदीप शाक्य उम्र अपने दोस्त शिवम और धर्मेन्द्र के साथ सागर ताल रोड से घर की तरफ जा  रहा था अभी वो मछली मंडी के पास पहुंचा ही था कि यहाँ अमृत योजना के तहत नगर निगम द्वारा पानी की पाइप लाइन  के लिए खोदा गया गड्ढा अंधेरे के कारण संदीप को नहीं दिखा जिसके चलते उनकी बाइक उसमें जा गिरी। मोटर साइकिल तेज गति में होने के कारण संदीप और उसके दोस्त उछलकर सड़क की दूसरी तरफ उछलकर दूर जा गिरे ।  सड़क पर गिरने से संदीप के सिर में गंभीर चोट आई और मौके पर वह बेहोश हो गया ।मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल इलाज के लिए तीनों को जयारोग्य अस्पताल पहुँचाया जहाँ दो दिन चले इलाज के बाद शुक्रवार की देर रात संदीप शाक्य ने दम तोड़ दिया जबकि गंभीर रूप से घायल धर्मेन्द्र और शिवम जिन्दगी और मौत से जूझ रहे हैं। बताया गया है कि संदीप की अप्रैल में शादी होनी थी परिजनों का आरोप है कि यह नगर निगम की लापरवाही के चलते हमारे बेटे की जान गई है इसमें जो भी दोषी हो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। 

ये घटना नगर निगम के अधिकारियों की लापरवाही ही नहीं अक्षमता भी दर्शाती है। खास बात ये है कि शहर में अमृत योजना या किसी अन्य योजना के तहत सड़कें खोदी जाने के दौरान कोई सेफ्टी फीचर प्रयोग नहीं किये जाते। ऐसा ही इस घटना में हुआ यदि गड्ढे के आसपास कोई हर्डल यानि बाधा लगी होती अर्थात रिफ्लेक्टर आदि लगे होते तो संदीप को वो दिखाई दे जाता और ये घटना नहीं होती और संदीप की जान बच जाती।