बिजली चोरी के अपराध में न्यायालय ने सुनाई एक साल की सजा, अर्थदंड भी लगाया

विद्युत कम्पनी के निरीक्षण दल ने 23 मई 2016 को शाम 5 बजे एल टी लाइन से डायरेक्ट तार डाल कर बिजली चोरी करते हुए पकड़े जाने पर विद्युत अधिनियम-2003 की धारा-135 (1) (क) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया था।

हरदा, डेस्क रिपोर्ट। बिजली चोरी (Electricity Theft) के अपराध में हरदा जिला न्यायालय ने एक उपभोक्ता को एक साल के कारावास (One year imprisonment for electricity theft) और अर्थदंड की सजा सुनाई है। गौरतलब है कि आरोपी को विद्युत कम्पनी के निरीक्षण दल ने 23 मई 2016 को शाम 5 बजे एल टी लाइन से डायरेक्ट तार डाल कर बिजली चोरी करते हुए पकड़े जाने पर विद्युत अधिनियम-2003 की धारा-135 (1) (क) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया था।

जानकारी के मुताबिक मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के हरदा वितरण केन्द्र के लोधी मंदिर के सामने रहने वाले आरिफ पिता मोहम्मद अख्तर खान को अनाधिकृत रूप से बिजली का उपयोग करने पर जिला न्यायालय ने एक वर्ष के कारावास एवं अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।

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कंपनी द्वारा प्रकरण जिला न्यायालय विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम, हरदा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश, विद्युत अधिनियम-2003 हरदा राजेन्द्र कुमार दक्षणी द्वारा आरोपी आरिफ को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कारावास एवं विद्युत उपयोग की तीन गुना राशि 21 हजार 994 के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।

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प्रकरण में विवेचना पंचनामा तत्कालीन परीक्षण सहायक-एक राकेश सांवले द्वारा बनाया गया तथा तत्कालीन उपमहाप्रबंधक, हरदा संभाग वतन खाड़े द्वारा न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया।

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मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक गणेश शंकर मिश्रा ने सभी बिजली उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे वैध कनेक्शन लेकर ही बिजली का उपयोग करें। अनाधिकृत या अवैध रूप से बिजली चोरी करना दण्डनीय अपराध है। इसमें जुर्माना और कारावास का भी प्रावधान है।