राहुल गांधी-कमलनाथ के खिलाफ FIR दर्ज कराने पहुंचे किसान, कृषि मंत्री ने दिया था अल्टीमेटम

हरदा /भोपाल । उपचुनाव (Byelection) से पहले मध्य प्रदेश (MadhyaPradesh) में कर्जमाफी (Karjmafi) को लेकर सियासत गर्म है| कृषिमंत्री कमल पटेल (Kamal Patel) ने 24 घंटे के भीतर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को किसानों से माफ़ी मांगने की चेतावनी दी थी| जिसके बाद अब डिफॉल्टर हुए किसानों ने पुलिस थाने पहुंच कर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस सरकार के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराना शुरू कर दिया है।

कांग्रेस और कमलनाथ के खिलाफ कर्जमाफी के झूठे वादे पर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराने की शुरुआत टिमरनी थाना अंतर्गत करताना पुलिस चौकी से हुई। बड़ी संख्या में यहां पहुंचे किसानों ने शिकायती आवेदन में कहा है कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी एवं मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा कई आम सभा के भाषण में और अपने लिखित चुनावी घोषणा पत्र में सरकार बनने के 10 दिन के अंदर प्रदेश के किसानों का 2 लाख तक का कर्ज माफ कराने का वादा कर वोट प्राप्त किए गए| लेकिन सरकार बनाने के बाद अपने वादे के मुताबिक किसानों का कर्ज माफ न करते हुए किसानों के साथ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत करने के कारण किसान बैंकों में डिफॉल्टर हो गये|

जिससे उन्हें कृषि कार्य के लिए दोबारा ऋण नहीं मिल सका। शिकायती आवेदन में कांग्रेस के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी व मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर धारा 420, 120 बी, 406, 409, 411 भादवी का अपराध दर्ज करने की मांग की गई है।

पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे किसानों का कहना है कि सरकार बनाने के बाद सभी किसानों का कर्ज माफ न करके षडयंत्र पूर्वक धोखाधड़ी की गई तथा सहकारी संस्थाओं से संबंधित किसानों का कर्ज समिति के अंश पूंजी में से करके अमानत में खमानत करने का प्रयास किया गया, इसके लिए मध्य प्रदेश के सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयन सहकारी संस्था मध्यप्रदेश भोपाल के पत्र क्रमांक/ साख/ ए .पी./2019/573 भोपाल दिनांक 20/02/19 के अनुसार सहकारी समिति के प्रशासक ने प्रस्ताव एवं ठहराव करके सहकारी आयुक्त को दिया है जो अवैधानिक है।

प्रस्ताव के मुताबिक 2 साल से अधिक ए पी ए /डिफाल्टर का 2 लाख रुपए का 50% सहकारी संस्थाएं वहन करेगी जो किसानों की जमा अंश पूंजी से ऋण माफ होंगे, इस प्रस्ताव को किसानों की अंश पूंजी में अमानत में खमानत करने की मंशा से किया गया कृत्य बताया गया है जो दंडनीय है। टिमरनी थाने की करताना पुलिस चौकी में एफआईआर दर्ज कराने पहुंचे किसानों में गोवर्धन जाट गोंदागांव, रामेश्वर रिणवा, विशाल बामने, छोटू पटेल लछोरा, रामचंद्र पाल भंवरास, गजेंद्र सिंह मोर नौसर, मुकेश पटेल करताना, योगेंद्र सिंह पटेल काथडी, अजय देदड तजपुरा, रामनिवास जाट गुल्लास, शेर सिंह नौसर, सोम सिंह यदुवंशी गाडामोड़ सहित अनेक किसान शामिल हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here