SC/ST संगठन का अल्टीमेटम- विधायक पुत्र की गिरफ़्तारी नहीं हुई तो 5 MLA छोड़ेंगे कांग्रेस

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हरदा। 

कांग्रेस नेता सुखराम बामने को धमकाने के मामले में एफआईआर होने के बाद से ही फरार चल रहे भाजपा विधायक कमल पटेल के बेटे को विशेष न्यायालय कोर्ट में हाजिर होने के लिए  26 जून तक की मोहलत दी है। ऐसा न होने पर दोनों की चल-अचल संपत्ति को कोर्ट द्वारा राजसात करने की कार्रवाई की जाएगी। वही इस मामले में अब सियासत गर्मा गई है।सोमवार को एससी, एसटी संगठन व मप्र बलाई समाज हल्ला बोल रैली निकाली और कहा कि 26 जून तक यदि विधायक पुत्र की गिरफ्तारी नहीं हुई तो प्रदेश स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 

सभा में बलाई समाज के प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण मांगरिया ने कहा विधायक पुत्र व खिरकिया जनपद उपाध्यक्ष सुदीप ने अधिवक्ता व कांग्रेस नेता सुखराम को मोबाइल पर धमकाया था। इसे एक माह से अधिक समय हो चुका है, लेकिन अब तक पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस बीच यदि सुखराम और उसके परिवार को कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस परिवार को सुरक्षा दी जाए।इसके लिए उन्होंने एसपी को भी ज्ञापन सौंपा।वही समाज का प्रतिनिधि मंडल मंगलवार को भोपाल पहुंचकर गृहमंत्री बाला बच्चन से मुलाकात कर सुदीप की गिरफ्तारी की मांग करेगा। 

इधर, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति युवा संघ के प्रदेश अध्यक्ष आरएस रसोनिया ने दावा किया कि समाज के पांच कांग्रेस विधायकों ने सुदीप की गिरफ्तारी न होने पर पार्टी छोड़ देंगे। इसके लिए 26 जून तक का समय दिया है।कांग्रेस में अजा के 17 और अजजा के 31 विधायक हैं। हमारी उनसे चर्चा चल रही है।दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित के बेटे एवं पूर्व सांसद संदीप दीक्षित भी हल्ला बोल रैली में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि शर्म की बात है कि राज्य में कांग्रेस का शासन होने के बावजूद पीडि़त पक्ष को न्याय नहीं मिल पा रहा। इसके लिए मैं माफी मांगता हूं

ये है पूरा मामला

पुलिस के अनुसार 28 अप्रैल की रात सुदीप पिता कमल पटेल ने दो बार अपने मोबाइल से और एक बार उसके दोस्त राजेश जाट के मोबाइल से सुखराम बामने को कॉल किया था। इस दौरान उनकी पत्नी के संबंध में अपशब्द बाेलते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। घटना के बाद से दोनों फरार हैं। पुलिस ने उनके निवास पर भी फरारी के नोटिस चस्पा किए। 25 हजार का इनाम भी घोषित है। पुलिस ने विशेष न्यायालय में परिवाद अर्जी लगाई थी। कोर्ट के आदेश के बाद भी अभी तक वे दोनों हाजिर नहीं हुए। स्पेशल कोर्ट ने दोनों फरार आरोपियों को 26 जून तक की मोहलत दी। जिसमें उन्हें हाजिर होकर अपना पक्ष रखने को कहा है।