एफआईआर के विरोध में हिंदू सेवा संगठन के कार्यकर्ताओं ने किया एसपी ऑफिस का घेराव

मां काली माता के विसर्जन के दौरान 2 दिन पहले हुए उपद्रव में हिंदू सेवा कार्यकर्ता सीताराम सेन और उसके 50 साथियों के खिलाफ हुई एफआईआर के विरोध में आज कई हिंदू सेवा संगठन के कार्यकर्ताओं ने एसपी ऑफिस के घेराव करने की कोशिश की।

जबलपुर, संदीप कुमार। मां काली माता के विसर्जन के दौरान 2 दिन पहले हुए उपद्रव में हिंदू सेवा कार्यकर्ता सीताराम सेन और उसके 50 साथियों के खिलाफ हुई एफआईआर (fir) के विरोध में आज कई हिंदू सेवा संगठन के कार्यकर्ताओं ने एसपी ऑफिस (sp office) के घेराव करने की कोशिश की। जिन्हें की पुलिस ने बीच में ही रोक लिया। प्रदर्शन कर रहे हिंदू सेवा कार्यकर्ताओं की मांग है कि जिन पुलिसकर्मियों ने कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज की थी उनका तत्काल निलंबन किया जाए।

दरअसल दो दिन पहले जब मां काली का विसर्जन जुलूस गोल बाजार पहुंचा था, उसी दौरान हिंदू सेवा संगठन के कार्यकर्ता सीताराम सेन और कई अन्य कार्यकर्ता विसर्जन कार्यक्रम में शामिल हो गए। जिसको लेकर पुलिस और हिंदू सेवा के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। इसी विवाद में सीताराम सेन और उनके कई साथियों के ऊपर लाठीचार्ज हुआ, साथ ही कई धाराओं के तहत उन पर एफआईआर दर्ज करते हुए पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

लाठी चार्ज करने वाले अधिकारी कर्मचारियों का नहीं हुए निलंबन तो होगा उग्र आंदोलन
हिंदू सेवा परिषद के प्रांत अध्यक्ष अतुल जेसवानी का कहना है कि सिर्फ काली के विसर्जन जुलूस में शामिल होने की सजा पुलिसकर्मियों ने इतनी भयंकर दी थी कि कार्यकर्ताओं पर बर्बरता से लाठीचार्ज किया। इतना ही नहीं घायल अवस्था में ही उन्हें थाने ले जाया गया, जबकि उस दौरान घायल कार्यकर्ताओं को इलाज की जरूरत थी। अतुल जेसवानी ने पुलिस को चेतावनी दी है कि अगर जल्द से जल्द लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का निलंबन नहीं होता है तो आने वाले समय में हिंदू सेवा संगठन के कार्यकर्ता उग्र आंदोलन करेंगे।

बजरंग दल सेवा, शिवसेना सहित कई हिंदूवादी संघ के संगठन हुए विरोध में शामिल
पुलिस के खिलाफ घेराव करने में बजरंग दल, शिवसेना, हिंदू सेवा परिषद सहित कई हिंदू संगठन के कार्यकर्ता शामिल रहे। इधर हिंदू सेवा संगठन के कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंचे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित कुमार का कहना है कि कार्यकर्ताओं की तमाम शिकायतों को जांच में लिया गया है और अगर जांच में पाया जाता है कि पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज किया है तो निश्चित रूप से इस पर कार्यवाही की जाएगी।