पांच साल की मासूम से दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले आरोपी को फांसी की सजा

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होशंगाबाद| जिले के पिपरिया में पांच साल की मासूम से दुष्कर्म के बाद हत्या करने वाले आरोपी को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है| पॉक्सो एक्ट के तहत दुष्कर्म के मामले में आरोपी को फांसी देने का ये संभाग का पहला मामला है। आरोपी ने करीब नौ माह पहले घर के सामने खेल रही पांच साल की बच्ची को चाकलेट व खिलौने का लालच देकर उसे सुनसान जगह में ले जाकर दुष्कर्म किया बाद में उसकी हत्या कर दी थी| 

इसके पहले जज ने 25 जुलाई को सुनवाई पूरी कर ली थी और फैसला सुरक्षित रख लिया था। पुलिस ने कोर्ट के सामने 32 गवाह पेश किए, जिसमें से 29 गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए थे।   न्यायालय मीडिया प्रभारी, पिपरिया टीआई प्रवीण कुमरे, अधिवक्ता कमलेश पुरविया के अनुसार न्यायधीश केएन सिंह ने आरोपी दीपक किरार को धारा 302, 376, 363 पास्को एक्ट के तहत दोषी करार दिया है। 376 के तहत आरोपी को फांसी धारा 302 के तहत आजीवन कारावास, 363 के तहत 7 वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 

शासकीय लोक अभियोजक गोविंद शाह के मुताबिक पिपरिया में 30 अक्टूबर 2018 को दोपहर में जब 5 साल की एक बच्ची घर के आंगन में खेल रही थी, तभी सांडिया रोड पिपरिया निवासी दीपक उर्फ नन्हू किरार (21) चाकलेट और खिलौने का लालच देकर बच्ची को साइकिल पर बैठाकर सुनसान जगह में ले गया और दुष्कर्म करने के बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। बच्ची का शव झाड़ियों में मिला था। पुलिस ने मुलजिम के खिलाफ मामला न्यायालय में पेश किया, जिसमें न्यायालय ने 8 माह में फैसला सुनाया।

फांसी की सजा सुनाने से पहले जज केएन सिंह ने आरोपी से कहा आज तुम्हारी सजा का दिन है, इस पर आरोपी दीपक ने कोई प्रतिक्रिया नहीं और एकटक देखता रहा। इसके बाद जज ने कहा कि आरोपी दीपक ने बहुत घिनौना अपराध किया है। गले में फांसी का फंदा तब तक लटकाया जाए, जब तक उसकी मौत नहीं हो जाती।