कोरोना से बचाव के लिये अपनी इटारसी ग्रुप द्वारा किया जा रहा मास्क वितरण

अपनी इटारसी ग्रुप वाट्सएप पर बनाया गया ग्रुप है, जिसपर शहर के बुद्धिजीवी लोग जुड़े है। समय सयम पर समाज के लिए ग्रुप आगे आता रहता है।

होशंगाबाद/ इटारसी, राहुल अग्रवाल। वाट्सएप का ‘अपनी इटारसी ग्रुप’ समय समय पर शहर एवं समाज के हित के लिए अपनी सहभागिता प्रदान करता है। इसी कड़ी में अब इस ग्रुप ने कोरोना के संक्रमण के रोकथाम के लिए अब मास्क वितरण एवं जागरूकता मुहिम शुरू की गई है। शुक्रवार को बाजार क्षेत्र में लोगों को जागरूक करते हुए पांच सौ मास्क वितरित किए गए। सोशल मीडिया के वाट्सएप एप पर अपनी इटारसी ग्रुप विगत सात सालों से संचालित है। अपनी इटारसी ग्रुप के सदस्य शहर के हित के लिए हर समय प्रयासरत रहते हैं। सात वर्ष पूर्व पौधरोपण की अभियान के साथ इस ग्रुप शुरुआत हुई थी। अपनी इटारसी के तीन ग्रुप में सात सौ पुरूष और सौ जागरूक महिलाएं शामिल है। इस ग्रुप की खासियत यह है कि इसमें समाजसेवी और शहर के बुद्धिजीवी लोग जुड़े है। वर्तमान में कोरोना संकट से शहर जूझ रहा है। इसके रोकथाम के लिए कोई इलाज नहीं है लेकिन इसके बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क ही उपाय है। लेकिन प्रशासन के तमाम प्रयासों के बावजूद अधिकांश लोग बिना मास्क में बाजार में घूमते नजर आ रहे है।

इस गंभीर समस्या को देखते हुए अपनी इटारसी ग्रुप के एडमिन और सदस्यों ने मिलकर जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लेते हुए शुक्रवार को इसकी शुरूआत तुलसी चौक के पास से की। इस अवसर पर मौजूद ग्रुप एडमिन यज्ञदत्त गौर और मनोज मालवीय के साथ ग्रुप सदस्य एवं पत्रकार अनिल मिहानी, कैलाश नवलानी, कन्हैया बिरयानी, अर्जुन भोला, अमित कापरे एवं संजय गुप्ता सहित अन्य सदस्य हाथ में माइक लेकर बाजार की सड़कों पर निकले। उन्होंने व्यवसायी एवं आम जनों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक करते हुए बिना मास्क के घूम रहे लोगों को मास्क वितरित किए गए। पहले दिन पांच सौ मास्क वितरित किए गए। उक्त मास्क ग्रुप के सदस्य चंचल पटेल द्वारा प्रदान किए गए थे।

सेवा व जागरूकता के लिए बनाया ग्रुप

दरअसल इसके पूर्व भी शहर के हित के लिए ग्रुप द्वारा समय समय पर अन्य कार्य किए जाते रहे हैं। शहर का कोई भी गरीब भूखा नहीं सोए इसलिए पिछले पांच वर्षों से रोटी बैंक भी इसी गुप द्वारा संचालित किया जा रहा है। शहर वासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए साइकिल रैली निकाली गई थी। यह वही ग्रुप है जब शहर की एक छात्रा की हत्या ओवरब्रिज के नीचे हुई थी। तब आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से गुप के सदस्यों की सक्रियता से पहली बार जन आक्रोश रैली देखी गई थी। जब हजारों की तादाद में मौजूद शहरवासियों ने पुलिस का घेराव कर एकजुटता का परिचय दिया था। आज भी सोशल मीडिया का यह गुप शहर के हित के लिए प्रयासरत है।