नए कृषि कानून से मध्य प्रदेश में किसानों को 24 घंटे के अंदर मिला न्याय, यह है मामला

प्रशासन ने नए कानून के आधार पर फॉर्चून राइस लिमिटेड कंपनी को अनुबंध मूल्य पर धान खरीदने के आदेश दिए हैं, कंपनी ने शुरू में अनुबंध अनुसार खरीदी की, लेकिन जब धान के भाव रूपये 3000 प्रति क्विंटल पहुँच गए तो 9 दिसम्बर को कंपनी के कर्मचारियो ने खरीदी बंद कर फोन बंद कर लिये

होशंगाबाद, राहुल अग्रवाल| देश भर में ने कृषि क़ानून (Farmer Law) को लेकर चल रही बहस के बीच मध्य प्रदेश (Madhyapradesh) के होशंगाबाद (Hoshangabad) में शिकायत के 24 घंटे के भीतर किसानों को न्याय मिलने का मामला सामने आया है| कॉन्ट्रैक्ट के बावजूद कंपनी ने धान नहीं खरीदी तो केंद्र सरकार के नए कानून के तहत शिकायत दर्ज कराई गई| जिला प्रशासन ने नए कृषि कानून किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) अनुबंध मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 के प्रावधान अनुसार कार्यवाही की। जिससे किसानों को 24 घंटे में न्याय दिलवाया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रशासन को इस कार्रवाई के लिए बधाई दी है|

जानकारी के मुताबिक, होशंगाबाद जिले के पिपरिया (Piparia) तहसील के भौखेडी एवं अन्य ग्राम के किसानों से मंडी के उच्चतम मूल्य पर धान खरीदी करने के लिए माह जून 2020 में फ़ोर्चून राईस लिमिटेड कंपनी दिल्ली (Fortune Rice Limited Company) द्वारा लिखित अनुबंध किया गया था| कंपनी ने शुरू में अनुबंध अनुसार खरीदी की, लेकिन जब धान के भाव रूपये 3000 प्रति क्विंटल पहुँच गए तो 9 दिसम्बर को कंपनी के कर्मचारियो ने खरीदी बंद कर फोन बंद कर लिये|

एसडीएम पिपरिया नितिन टाले ने बताया कि उक्त प्रकरण में दिनांक 10 दिसंबर को ग्राम भौखेडी के कृषक पुष्पराज पटेल एवं ब्रजेश पटेल द्वारा एसडीएम नितिन टाले को शिकायत की गई। प्रकरण मे तत्परतापूर्वक कार्रवाई कर न्यायालय अनुविभागीय दंडाधिकारी पिपरिया ने समन जारी कर फॉर्चून राइस लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि को 24 घंटे मे समक्ष में जबाव तलब हेतु तलब किया। एसडीएम कोर्ट द्वारा जारी समन पर फॉर्चून राईस लिमिटेड के डायरेक्टर अजय भलोटिया ने जबाव प्रस्तुत किए जाने पर कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) अनुबंध मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 की धारा 14(2)(ए) क तहत कॉन्शुलेशन बोर्ड का गठन किया। कॉन्शुलेशन बोर्ड के समक्ष कंपनी ने दिनांक 9 दिसंबर के उच्चतम दर पर धान क्रय करना स्वीकार किया।

बोर्ड की अनुशंसा के आधार पर न्यायालय अनुविभागीय दंडाधिकारी पिपरिया ने अनुबंधित कृषको से रू 2950+50 रू बोनस कुल 3 हजार रुपये प्रति क्विंटल की दर धान खरीदने हेतु आदेशित किया। इस प्रकार नये कृषक कानून का प्रयोग करते हुए शिकायत प्राप्त होने के 24 घंटे के अंदर कृषकों को अनुबंध अनुसार उच्चतम बाजार दिलाये जाने की कार्रवाई की गई।

नए कृषि कानून से मध्य प्रदेश में किसानों को 24 घंटे के अंदर मिला न्याय, यह है मामला