इंदौर में कंगना रनौत के ‘आज़ादी’ वाले बयान के विरोध में पुतला दहन, फांसी पर लटकाने की मांग

दरअसल एक टॉक शो के दौरान कंगना ने 1947 में मिली आजादी को भीख और असली आजादी 2014 के बाद का बयान देकर विवाद खड़ा कर दिया है। इसके बाद से ही उनके बयान को लेकर बवाल मचा हुआ है।

इंदौर, आकाश धोलपुरे। आजादी की अजब परिभाषा देने वाली फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) का विरोध देशभर में जारी है। वहीं ऐसा ही विरोध का रोष अब मध्यप्रदेश (Madhya pradesh) में भी देखी जा रहा है। इंदौर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संगठन के लोगों ने कंगना को फांसी पर लटकाने की मांग के साथ फिल्म अभिनेत्री का पुतला सरेराह फूंक दिया।

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दरअसल, पद्मश्री का सम्मान मिलने के बाद एक टॉक शो के दौरान कंगना ने 1947 में मिली आजादी को भीख और असली आजादी 2014 के बाद की बता रही हैं। इसके बाद से ही उनके बयान को लेकर बवाल मचा हुआ है। इंदौर में तो अब स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कंगना रनौत के खिलाफ सड़कों पर उतर गए हैं। इंदौर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संगठन ने पहले तो सडक पर कंगना का पुतला दहन किया। इसके बाद सभी संभागायुक्त कार्यालय पर पहुंचे। जहां राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर स्वतंत्र सेनानी संगठन द्वारा कंगना रनौत को दिए गए पद्मश्री सम्मान सहित अन्य राष्ट्रीय अवार्ड वापस लेने की मांग की। इतना ही आक्रोश से भरे संगठन ने अभिनेत्री कंगना रनौत के बयान को लेकर राष्ट्रपति से कंगना को फांसी दिए जाने की मांग भी की।

विरोध प्रदर्शन कर रहे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अजय सितलानी ने तल्ख होकर कंगना को फांसी दिए जाने की मांग के साथ कहा कि कंगना रनौत ने देश की स्वतंत्रता को लेकर जो टिप्पणी की है वह निंदनीय है। जबकि हमारे देश को आजाद कराने के लिए कई महापुरुषों ने अपना बलिदान दिया है और देश की माटी के लिए अपना खून बहाया है। हालांकि, कंगना के बयान का विरोध न सिर्फ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संगठन कर रहा है बल्कि अन्य कई संगठन कर रहे है और आने वाले समय विरोध कि बयार और भी तेज हो सकती है।