Indore news : नाले किनारे गंदगी में बन रही थी मिठाईयां, कीड़े-मच्छर लगे 8 क्विंटल मिठाई जब्त

खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने मौके से लगभग 8 क्विंटल मिठाई जब्त की और 7 सैंपल जब्त किये हैं। वहीं मिठाई निर्माता के खिलाफ खजराना थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

इंदौर, आकाश धोलपुरे। दीपावली जैसा सबसे बड़ा पर्व और उस पर मुंह मीठा न हो तो खुशियों का स्वाद थोड़ा फीका रह जाता है। लेकिन क्या आप जानते है जो मिठाईयां बनती है वो किस गदंगी से बनती है। इसका इल्म आपको नहीं है। वहीं आज इंदौर में खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा दीपावली के पूर्व जो कार्रवाई की है उससे ये साफ है कि खुशियों को बढावा देने वाला मीठा अंदाज आपके स्वास्थ्य पर जानलेवा हमला कर सकता है।

ये भी पढ़ें- ज्योतिरादित्य सिंधिया ने MP को फिर दी बड़ी सौगात, इंदौर से 3 नई फ्लाइट शुरु

दरअसल, इंदौर में खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने खजराना क्षेत्र में नाले किनारे मिठाई तैयार करने वाले एक कारखाने पर छापामार कार्रवाई की और वहां से मच्छर और कीड़े मिली मिठाइयों को जब्त किया गया है। खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने मौके से लगभग 8 क्विंटल मिठाई जब्त की और 7 सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए भोपाल भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। इधर, मिठाई निर्माता के खिलाफ खजराना थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

दीपावली के पहले मिलावटखोरो पर अभियान के तहत इन्दौर की खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने स्टार चौराहा स्थित मिठाई के कारखाने पर छापामार कार्रवाई करते हुए बेहद गंदगी भरे स्थान पर बन रही 8 क्विंटल मिठाई जब्त कर मेसर्स गर्ग मावा भंडार के संचालक राकेश गर्ग पर कड़ी कार्रवाई की। खाद्य विभाग की टीम ने जब व्यापारी के लाइसेंस के बारे में पूछताछ की तो वह जबाव नहीं दे पाया। वहीं व्यापारी ने मावा कतली, मावा रोल, मावा कटलस, पेड़ा, गुपचुप, मीठा मावा, चॉकलेट बर्फी सहित लगभग 8 क्विंटल मिठाई बना रखी थी जिसे शहर के अलग अलग हिस्सों में बेचा जाना था। जानकारी के मुताबिक कई मिठाइयों में तो मच्छर और कीड़े भी लगे हुए थे।

ये भी पढ़ें- Ratlam news : कुत्तों का आतंक जारी, फिर 4 साल के मासूम पर कुत्तों के झुंड ने किया हमला

पूछताछ में संचालक राकेश गर्ग ने बताया कि वह मिठाइयों को तैयार करने के लिए बड़ी मात्रा में दमोह और झांसी से मावा मंगवाता था। बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर वर्तमान में मिठाइयां तैयार की जा रही थी उस स्थान पर पूर्व में एक ढाबे का संचालन किया जाता था। इसके अलावा तीन साल पहले भी इसी स्थान पर कार्रवाई किए जाने की बात भी सामने आई है। बता दें कि खाद्य एवं औषधि विभाग ने फिलहाल कारखाना संचालक के खिलाफ खजराना थाने में मामला दर्ज कराकर कारखाने को सील कर दिया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश त्रिपाठी की माने तो लिए गए सैम्पल की रिपोर्ट में खामी आने पर बड़ी कार्रवाई सुनिश्चित है।