क्यों इस महिला ने बांधी रावण को राखी ? क्या थी वजह ? जानिए

इंदौर, आकाश धोलपुरे

देशभर में दशानंद रावण को प्रकांड पंडित और सभी वेदों का ज्ञाता माना जाता है और यही वजह है कि देशभर के अलग अलग स्थानों पर रावण के मंदिर है और उन मंदिरों में रावण की बकायदा पूजा भी की जाती है। ये विषय इसलिए नही उठ रहा है कि अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास होने जा रहा है बल्कि मध्यप्रदेश के इंदौर के परदेशीपुरा क्षेत्र में स्थित रावण मंदिर से निकाली गई एक तस्वीर प्रदेश नहीं बल्कि पूरे देश में वायरल हो रही है।इस वायरल तस्वीर में एक महिला दशानन्द की कलाई पर राखी बांधती नजर आ रही है और रावण का पूजन अर्चन कर रक्षा के भरोसे की प्रार्थना भी कर रही है।

दरअसल, महिला का नाम मनोरमा चंदेल बताया जा रहा है जो ये मानती है कि रावण जैसा भाई हर किसी के नसीब में होना चाहिए क्योंकि रावण ने अपनी बहन सूर्पनखा के अपमान का बदला लेने के लिए भगवान श्रीराम से युद्ध किया था। जानकारी के मुताबिक परदेशीपुरा क्षेत्र में महेश गौहर और उनकी फैमिली द्वारा एक संकल्प के साथ रावण को पूजा जाता है और वो रावण को राक्षस न मानते हुए प्रकांड विद्वान मानकर पूजन करते है। 10 अक्टूबर 2010 को परदेशीपुरा क्षेत्र में स्थित मंदिर में रावण की प्रतिमा स्थापित की गई थी।

मंदिर के संस्थापक महेश गौहर की माने तो मंदिर निर्माण के अगले साल से ही क्षेत्र की महिलाएं राखी के दिन रावण की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है। वायरल तस्वीर की सच्चाई बताते हुए मंदिर के संस्थापक महेश गौहर बताते है कि क्षेत्र की महिलाएं हर साल दशानंद को इसी तरह से राखी बांधती है।

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