फर्जी मार्कशीट बनाने वाला गिरफ्तार, 15 हजार रुपये में बेचता था बोर्ड और यूनिवर्सिटी की मार्कशीट

इंदौर, आकाश धौलपुरे। इंदौर पुलिस ने फर्जी मार्कशीट बनाने वाले युवक को गिरफ्तार किया है। दरअसल 554 लोगो की फर्जी मार्कशीट बनाकर धोखाधड़ी करने वाले एक शख्स की करतूतों का अंत उस वक्त आ गया और वो अपने असल ठिकाने तक याने सलाखो के पीछे जा पहुँचा। 1 करोड़ रुपये से ज्यादा का चूना 550 से ज्यादा लोगो को लगा चुका आरोपी एक फरियादी की शिकायत पर पकड़ा गया। फरियादी ने जब उसकी मार्कशीट का मिलान ऑनलाइन किया तो पता चला कि उसके साथ धोखा हुआ है और उसने इस मामले की शिकायत तिलक नगर पुलिस को कर दी। जिसके बाद क्राइम ब्रांच और तिलक नगर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई को अंजाम देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया ।

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इंदौर क्राइम ब्रांच और तिलक नगर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्यवाही कर फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से बड़ी मात्रा में फर्जी मार्कशीट, कंप्यूटर व प्रिंटर बरामद किए गए हैं। आरोपी अब तक कई लोगों को फर्जी मार्कशीट व सर्टिफिकेट के नाम पर करीब 1.5 करोड़ रुपये की धोखधड़ी कर चुका है। बता दे कि एक फरियादी की शिकायत और इन्दौर मुखबिर की सूचना पर फर्जी मार्कशीट व सर्टिफिकेट बनाने वाले मुख्य आरोपी सतीश गोस्वामी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 7 मॉनिटर, 6 सीपीयू, 2 प्रिंटर, 14 फर्जी मार्कशीट ओर 50 फर्जी मार्कशीट के कोरे पेपर, 1 मोबाइल फोन जब्त किया है।

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मिली जानकारी के मुताबिक एक व्यक्ति पैसे लेकर फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट बनाने का काम करता है जिसके संबंध में थाना तिलक नगर ने सतीश गिस्वामी के खिलाफ़ अपराध पंजीबद्ध किया था। मामला दर्ज होने के बाद से ही अरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था देर रात मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी सतीश गोस्वामी को गिरफ्तार किया गया है। वही उसके घर की तलाशी लेने पर 7 मॉनिटर, 6 सीपीयू, 14 फर्जी मार्कशीट व 50 से अधिक मार्कशीट के कोरे कागज वह एक रजिस्टर पुलिस ने बरामद किया है।

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आरोपी के पास से जो रजिस्टर बरामद हुआ है जिसमें 500 से अधिक नामों का उल्लेख है जिसमें वह लोगों को फर्जी मार्कशीट बनाकर दे चुका है। एएसपी क्राइम ब्रांच गुरुप्रसाद पाराशर ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह अब तक 5 वर्षों से भी अधिक समय से इस तरह का कार्य कर रहा है। जिसमें वह 10वीं, 12वीं और ग्रेजुएशन की फर्जी मार्कशीट बनाने का कार्य कर रहा था। वह कई प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी की भी मार्कशीट बनाकर ऊंचे दामों पर बेच रहा था। इस फर्जी काम से डेढ़ करोड रुपए से अधिक की आय कर चुका है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही