Bhaiyyu-ji-maharaj-police-arrest-three-accused

इंदौर। राष्ट्रसंत भय्यू महाराज मामले में तेजाजी नगर पुलिस ने शुक्रवार को संदिग्ध युवती, विनायक सहित तीन को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किए गए हैं। भय्यू महाराज के ड्राइवर कैलाश पाटिल सहित तीन आरोपियों को पुलिस ने फिरौती के मामले में बंदी बनाया था। तब ड्राइवर ने ये खुलासा किया था कि युवती विनायक के साथ मिलकर भय्यू महाराज को ब्लैकमेल कर रही थी। 

उसके इस खुलासे के बाद पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ की, विनायक कई दिनों तक गायब रहा। पुलिस टीम उसकी तलाश में महाराष्ट्र भी गई थी। पुलिस का दवाब बढ़ने के बाद वह स्वयं पुलिस के पास पहुंच गया था। विनायक ने भय्यू महाराज की मौत के लिए पारिवारिक विवाद को कारण बताया था। पुलिस ने विनायक और संदिग्ध महिला के साथ ही कई अन्य सेवादारों से पूछताछ की, हाईटेक तरीके से पड़ताल के बाद पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि इन तीनों की हरकतों के कारण ही भय्यू महाराज ने आत्महत्या जैसा घातक कदम उठाया और उन्होंने अपनी जान दे दी। कई सेवादारों ने भय्यू महाराज आत्महत्या केस की दोबारा जांच की मांग की थी। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी भय्यू महाराज मामले की जांच को लेकर पुलिस विभाग को कई निर्देश दिए थे। इसके बाद मामले की जांच तेजी से की गई। कई सेवादारों और भय्यू महाराज के रिश्तेदारों से पूछताछ के बाद पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया।

भय्यू महाराज ने पिछले वर्ष 12 जून को घर में लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। दूसरी पत्नी आयुषी ने आरोप लगाया कि पति को फूटी कोठी निवासी पलक पुराणिक और सेवादार विनायक दुधाले, शरद देशमुख द्वारा ब्लैकमेल किया जा रहा था। महाराज ने उनसे परेशान होकर आत्महत्या की थी।