MP: इस सीट पर कैसे मिली बम्पर जीत, शोध कराएगी भाजपा

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इंदौर।

इस बार लोकसभा चुनाव में देशभर में भाजपा ने प्रचंड जीत हासिल कर इतिहास रच दिया।वही एमपी में भी बीजेपी 29  में से 28  सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब हुई। भाजपा के अधिकतर सांसद दो से तीन लाख वोटों से जीते। इनमें सबसे खास जीत इंदौर लोकसभा सीट पर देखने को मिली।यहां सांसद शंकर लालवानी ने ताई के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए पांच लाख से अधिक वोटों से ऐतिहासिक जीत हासिल की। शंकर की जीत ने सबकों चौंकाया और इसी बात का पता लगाने अब बीजेपी  लालवानी की जीत पर शोध करने जा रही है। इसके लिए दिल्ली से एक टीम जल्द ही इंदौर आएगी और पता लगाएगी कि आखिर किस आधार पर इतने वोटों से लालवानी जीते।

        दरअसल, हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा का गढ़ कही जाने व��ली इंदौर लोकसभा सीट से बीजेपी के शंकर लालवानी ने रिकार्ड जीत दर्ज की। उन्होंने इंदौर से 8 बार सांसद रहीं सुमित्रा महाजन को मिले 466901 मतों के रिकार्ड को तोड़ते हुए कांग्रेस के पंकज संघवी को 547754 मतों से हराया  था।।  लालवानी को कुल 1068569 मिले जबकि संघवी को 520815 मत मिले थे। लालवानी की जीत के साथ ही इंदौर को 30 साल बाद पुरुष सांसद मिला।लालवानी को देश में सबसे ज्यादा वोट मिले तो जीत के आंकड़े के हिसाब से वे 12 नंबर पायदान पर जा पहुंचे। 

शंकर की इस जीत से पार्टी और नेता भी हैरान है। वो जानना चाहता है कि जिस के टिकट का विरोध हुआ था, वहां ऐसे परिणाम का कारण क्या है। इसी के चलते बीजेपी ने शंकर की जीत पर शोध करवाने का फैसला किया है।पार्टी पता लगाना चाहती है कि आखिर क्या वजह रही जो अन्य सीटों की तुलना में इंदौर सीट पर सबसे ज्यादा वोट मिले।इसको जानने के लिए जल्द ही दिल्ली से एक टीम इंदौर आएगी, जो सर्वे कर पता लगाने का प्रयास करेगी। सर्वे मे पता लगाया जाएगा कि ऐसा कौन सा अभियान-योजना जो जनता को प्रभावित करने में इतना कामयाब रहा, जिसका पार्टी को फायदा मिला। इन सभी बातों का शोध करने के लिए भाजपा का शीर्ष संगठन एक प्रतिनिधि मंडल जल्द ही इंदौर भेजने वाला है। 

इंदौर आने वाली टीम हर बारीक पहलू पर विचार करेगी ताकि भविष्य में अन्य जगहों पर भी इस फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जा सके। सर्वे में जो भी रिजल्ट आएगा पार्टी कोशिश करेगी कि उसी फॉर्मेूले को पूरे  देश-प्रदेश में लागू किया जा सके।इसके अलावा इस सर्वे से जातिगत समीकरण को भी समझा जाएगा, जिसमें बूथों का विश्लेषण होगा। साथ में संगठन की सारी गतिविधियों की भी जानकारी ली जांगी जिसकी वजह से कार्यकर्ताओं में जोश और चुनाव में माहौल बना और थोकबंद वोट मिले।