हटाए जा सकते हैं कांग्रेस विधायकों के सामने घुटने टेकने वाले अधिकारी

इंदौर| आकाश धोलपुरे| इंदौर के राजबाड़ा में शनिवार को धरने पर बैठे कांग्रेस नेताओं के सामने घुटनों के बल बैठकर बात करने वाले एसडीएम और सीएसपी पर गाज गिर सकती है| सूत्रों के मुताबिक इंदौर सांसद शंकर लालवानी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को फोन लगाकर इस मामले में अधिकारियों को लेकर नाराजगी व्यक्त की है| एसडीएम और सीएसपी को हटाने की बात कही है| जल्द ही दोनों अफसरों को हटाया जा सकता है|

इससे पहले कलेक्टर मनीष सिंह ने एसडीएम राकेश शर्मा को कांग्रेस नेताओं के सामने घुटने टेकने पर नोटिस दिया है| कलेक्टर ने इसको कार्यपालक मजिस्ट्रेट की पदीय गरिमा और प्रशासनिक अनुशासन, आचरण के खिलाफ बताया है| उनके इस कृत्य से प्रशासन की छवि धूमिल हुई है। कलेक्टर ने इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी कर कहा है कि क्यों न एक मजिस्ट्रेट की मर्यादा के विरुद्ध किए गए इस कृत्य के कारण संबंधित के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए।

यह है मामला
दरअसल, शुक्रवार को भाजपा के पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता ने कमला नेहरू कॉलोनी के मैदान पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के जन्मदिन के अवसर पर राशन वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस दौरान राशन के लिए भारी भीड़ जुटी और राशन की लूट हो गई| इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का भी ख्याल नहीं रखा गया| इसी मामले को लेकर शनिवार को भाजपा नेताओं की सद्बुद्धि के लिए धरने पर बैठ गए। सुबह मां अहिल्या प्रतिमा के सामने प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी जीतू पटवारी, विधायक संजय शुक्ला, विधायक विशाल पटेल और शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल ने धरना शुरू किया। बिना अनुमति के धरने पर बैठे नेताओं को समझाने के लिए एसडीएम राकेश शर्मा पुलिस अधिकारी के साथ मौके पर पहुंचे। बातचीत के बीच बीच में वे विधायकों को हाथ जोड़कर कर धरना समाप्त करने को मनाते भी दिखते हैं। किसी ने इस घटना का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। इसके भाजपा नेता आग बबूला हो गये।

भाजपा ने जीतू पटवारी पर लगाया आरोप, एसडीएम पर साधा निशाना
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता उमेश शर्मा ने कांग्रेस नेता जीतू पटवारी पर योजनाबद्ध तरीके से अफरा-तफरी मचवाने का आरोप लगाया है| उमेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के स्थानीय विधायक ने योजनाबद्ध तरीके से पहले अफरा-तफरी मचवाई और उसके बाद प्रशासन पर दबाब डालकर FIR दर्ज कराई| वहीं उन्होंने कहा एसडीएम के इस कृत्य को गरिमा को गिराने वाला बताया| उन्होंने कहा कि पूर्व में मंत्री रहे जीतू पटवारी सम्भवतः एसडीएम को इंदौर लाए थे| इसलिए जीतू पटवारी और एसडीएम के बीच स्वामी और सेवक का भाव सामाप्त नहीं हुआ है|