कॉमेडियन मुन्नवर फारुकी को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, जमानत याचिका खारिज

कोर्ट ने कहा है कि सौहार्द बनाये रखना संविधान की भावना है और हर व्यक्ति को इसकी कद्र करनी चाहिये। संविधान से परे कोई भी नही जा सकता है।

इंदौर, आकाश धोलपुरे| नए साल की शुरुआत एक स्टेंडअप कॉमेडियन के लिए इतनी खराब रही कि कॉमेडियन सहित कुल 5 लोग न्यायालयीन अभिरक्षा में जेल में है। हालांकि वकीलों ने मुन्नवर की जमानत के लिए प्रयास किये लेकिन गुरुवार को हाईकोर्ट (Highcourt) ने कॉमेडियन मुन्नवर फ़ारुखी (comedian munawar faruqui) सहित एक अन्य आरोपी द्वारा लगाई गई जमानत याचिका (Bail Plea) अस्वीकार कर दी| जिसके पीछे वजह पर कोर्ट ने टिप्पणी भी दी है।

दरअसल, जनवरी माह की शुरुआत में शहर के पलासिया में स्थित मुनरो कैफे में एक शो के दौरान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में मुन्नवर फ़ारुखी सहित 5 लोगो को गिरफ्तार किया गया था और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने हास्य कलाकार मुनव्वर फ़ारुखी सहित एक अन्य आरोपी को जमानत देने से इंकार कर दिया है। जानकारी के मुताबिक मुन्नवर और सह-आरोपी नलिन यादव फिलहाल, न्याययिक हिरासत में जेल में ही रहेंगे।

बता दे कि 32 वर्षीय कॉमेडियन को 1 जनवरी से इंदौर की सेंट्रल जेल में रखा गया है। इंदौर की तुकोगंज पुलिस ने स्थानीय भाजपा विधायक मालिनी गौड़ के बेटे एकलव्य सिंह गौड़ द्वारा की गई शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया था। हिंदू धर्म के देवी देवताओं पर विवादित टिप्पणी के आरोप के बाद कॉमेडियन द्वारा जमानत याचिका लगाई गई थी | मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने गुरुवार को उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा है कि सौहार्द बनाये रखना संविधान की भावना है और हर व्यक्ति को इसकी कद्र करनी चाहिये। संविधान से परे कोई भी नही जा सकता है।

शासकीय अधिवक्ता अमित सिंह सिसोदिया ने बताया कि उच्च न्यायालय ने इन्वेस्टिगेशन में आये हुए तथ्यों को ध्यान में रखते हर जमानत खारिज की है। उन्होंने बताया कि इस मामले में कुल 5 अभियुक्त केस डायरी के माध्यम से बनाये गए है। इनमे से 2 लोगो मुन्नवर फ़ारुखी और नलिन यादव की न्यायालय द्वारा जमानत रद्द कर दी गई है। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि जमानत के दौरान आरोपियों द्वारा ये तर्क रखा गया था कि मामला नही बनता है और साथ ही कहा गया था कि इंदौर में उनके द्वारा कोई भी कृत्य नही किया गया है लेकिन केस डायरी में ये साक्ष्य आये है कि इंदौर शहर में प्रोग्राम के दौरान उनके द्वारा अशोभनीय टिप्पणी की गई जो कि पूरी तरह से धारा 295 – ए के तहत अपराध की कोटि में आती है इसी कारण से उनकी जमानत खारिज की गई।

इधर, फ़ारुखी सहित यादव की पैरवी कर रहे हाईकोर्ट एडवोकेट अंशुमन श्रीवास्तव ने बताया कि 295 – ए सहित आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत 2 जनवरी 2021 से मुन्नवर सहित अन्य आरोपी न्याययिक अभिरक्षा में है। हमारी तरफ से पहले सत्र न्यायाधीश और बाद में हाईकोर्ट के समक्ष जमानत याचिका प्रस्तुत की गई थी और सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट विवेक तनखा और हमारे द्वारा आरोपीगण का पक्ष रखा था। आज कोर्ट ने आर्डर देते हुए जमानत याचिका अस्वीकार कर दी गई।

फिलहाल, धार्मिक भावनाओं को कॉमेडी के रंग में पेश करने वाले आरोपी मुन्नवर फ़ारुखी सहित सभी आरोपियों को अभी जेल में ही रहना होगा और हाईकोर्ट ने भी अपनी टिप्पणी में ये साफ कहा है कि किसी भी धर्म के खिलाफ सौहार्द बिगाड़ने की इजाजत संविधान नही देता है। लिहाजा, जमानत याचिका अस्वीकार होने के बाद कॉमेडियन की मुश्किलें बढ़ गई है।