कमिश्नर की अधिकारियों को दो टूक, ‘हाउसिंग सोसायटियों के सदस्यों को मिले न्याय’

 इंदौर|  जिले में माफियाओं के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। वहीं दूसरी ओर इंदौर जिले में विभिन्न गृह निर्माण समितियों के ऐसे पात्र सदस्य जिन्हें अभी तक वरियता सूची में वरिष्ठता के आधार पर प्लाट नहीं मिले हैं, उन्हें प्लाट दिलाने की कार्रवाई की जायेगी। इसके साथ ही ऐसे सदस्य जिन्हें पूर्व में प्लाट आवंटित हो चुके हैं और वह थोड़ी बहुत औपचारिकताओं की कमी के कारण अपने मकान का निर्माण नहीं करा पा रहे हैं, ऐसे सदस्यों की कमियों को दूर कर उन्हें मकान बनाने की अनुमति दिलायी जायेगी। साथ ही ऐसे रजिस्ट्रीधारी जिन्हें अभी तक प्लाट का कब्जा नहीं मिला है उन्हें प्लाट का कब्जा दिलाया जायेगा। इसके अलावा ऐसी गृह निर्माण सहकारी संस्थाएं जिनकी भूमि आवासीय उपयोग के अलावा अन्य प्रयोजन की है और वह आवासीय प्लाट नहीं दे सकते हैं और उन्होंने अपनी भूमि किसी और को विक्रय कर दी है, ऐसी जमीनों के संबंध में पात्र सदस्यों को प्रतिफल राशि दिलायी जायेगी। इस दिशा में सभी संबंधित विभागों द्वारा समन्वित प्रयास किये जाएंगे। इस कार्य में गड़बड़ी तथा लापरवाही करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी।यह जानकारी आज यहां संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुयी उच्च स्तरीय मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक में दी गयी।  

 संभागायुक्त त्रिपाठी ने गृह निर्माण समितियों के माध्यम से दिये गये प्लाटों से संबंधित विभिन्न समस्याओं के प्रभावी निराकरण के लिये जिला स्तरीय टास्क फोर्स समिति का गठन किया है। इस समिति के मार्गदर्शन, उन्हें निर्देश देने, समिति द्वारा किये जा रहे कार्यों एवं उनके द्वारा लिये जा रहे निर्णयों के लिये उच्च स्तरीय मॉनीटरिंग कमेटी का गठन भी किया गया है। इस समिति के अध्यक्ष संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी स्वयं हैं। इस मॉनीटरिंग कमेटी की यह पहली बैठक थी। बैठक में बताया गया कि इंदौर जिले में गृह निर्माण सहकारी समिति के सदस्यों को उनका हक दिलाने के लिये शुद्ध अंत:करण के साथ विभिन्न विभागों द्वारा समन्वित प्रयास किये जाएंगे। बताया गया कि जिले में गृह निर्माण सहकारी समितियों के संबंध में अभी तक 450 से अधिक शिकायतें तथा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। जिले में 31 दिसम्बर तक कोई भी सदस्य कमिश्नर कार्यालय, कलेक्टर कार्यालय तथा सहकारिता कार्यालय में अपनी शिकायत तथा आवेदन लिखित रूप से दे सकते हैं। 

 शुद्ध अंत:करण के साथ पूरी ईमानदारी से कार्य करें

आकाश त्रिपाठी ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वे अपने हक के लिये इधर-उधर भटक रहे गृह निर्माण सहकारी समिति के सदस्यों को उचित न्याय दिलवायें। वे शुद्ध अंत:करण के साथ पूरी ईमानदारी से कार्य करें। हक दिलाने के कार्य में गड़बड़ी तथा लापरवाही बरतने वालों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। बैठक में उन्होंने निर्देश दिये कि ऐसी गृह निर्माण सहकारी संस्थाएं जिनकी वरिष्ठता और वरियता सूची तैयार नहीं हुई है, उनकी सूची शीघ्र तैयार की जाये। वरियता एवं वरिष्ठता सूची के आधार पर प्लाट दिलाने की कार्रवाई की जाये। गृह निर्माण सहकारी समिति के ऐसे सदस्य जिन्हें पूर्व में प्लाट आवंटित हो चुके हैं और वह कुछ औपचारिकताओं और अनुमतियों के अभाव में मकान निर्माण नहीं कर पा रहे हैं ऐसे सदस्यों को औपचारिकताएं पूर्ण कर और अनुमतियां दिलाकर भवन निर्माण की अनुमति दिलायी जाये। गृह निर्माण संस्थाओं की ऐसी भूमि जिसका उपयोग आवासीय के अलावा अन्य उपयोग का है और यह भूमि अन्य  किसी व्यक्ति को बेच दी गई है, ऐसी भूमि के संबंध में कलेक्टर गाइड लाइन तथा बाजार मूल्य का आंकलन कर उस राशि का समान वितरण सभी सदस्यों के बीच किया जाये। संस्था पदाधिकारी अगर राशि नहीं देंगे तो उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जायेगी। ऐसे सदस्य जिनको प्लाट मिल गये हैं और उस कालोनी में विकास नहीं हुआ है, ऐसे प्रकरण के संबंध में संभागायुक्त ने निर्देश दिये कि संबंधित विभाग पदाधिकारियों से उस कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं का विकास करवायें और भवन निर्माण की अनुमति दिलवायी जाये। विकास नहीं करवाने वाली संस्थाओं के विरूद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। गृह निर्माण सहकारी संस्थाओं के ऐसे सदस्य जिनके पास रजिस्ट्री तो है परंतु उन्हें अभी तक कब्जा नहीं मिला है। इस प्रकरण में संबंधित सदस्यों को कब्जा दिलाने के निर्देश दिये गये। 


लापरवाही, बेईमानी बर्दाश्त नहीं की जायेगी

संभागायुक्त श्री त्रिपाठी ने निर्देश दिये कि इस कार्य में लापरवाही, बेईमानी तथा उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने आमजन के हित में शुद्ध अंत:करण के साथ विभिन्न विभागों को समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इस संबंध में की जा रही कार्रवाहियों की साप्ताहिक समीक्षा की जायेगी।