इंदौर में पार्षद प्रत्याशियो के बचाव में उतरी कांग्रेस, दो प्रत्याशियों पर दर्ज हुए है आपराधिक मामले

कांग्रेसियों ने दोनों प्रत्याशियों पर दर्ज किए प्रकरणों को वापस लेने मांग की। 

इंदौर, आकाश धौलपुरे। इंदौर (indore) में चुनावी चक्रव्यूह में एक नही बल्कि कांग्रेस के दो  अभिमन्यु फंस चुके है। जिनके बचाव में अब पूरी कांग्रेस उतर चुकी है। दरअसल, मामला इंदौर के वार्ड 22 और वार्ड 58 से जुड़ा है जहां के पार्षद प्रत्याशियों पर बीजेपी नेता व प्रशासनिक अधिकारी द्वारा आपराधिक मामले दर्ज कराए है।
गम्भीर धाराओं में दर्ज आपराधिक मामलों के बाद अब दोनों पार्षद प्रत्याशियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई है। ऐसे में कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी संजय शुक्ला की अगुआई में सैंकड़ों कार्यकर्ता इंदौर पुलिस कमिश्नर के दफ्तर पहुंचे। जहां कांग्रेसियों ने दोनों प्रत्याशियों पर दर्ज किए प्रकरणों को वापस लेने मांग की।
हालांकि, लंबे इंतजार के बाद कांग्रेसियों से पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारि मिश्र मिले। इसके पहले कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी संजय शुक्ला सहित वरिष्ट नेताओ ने जान से मारने की धमकी और प्रशासनिक कार्य मे बाधा मामले सहित अन्य धाराओं को गलत बताते हुए पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए। कांग्रेस ने प्रशासन पर दबाव में काम करने के आरोप भी लगाए। कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी और पूर्व मंत्री ने पुलिस प्रशासन पर बीजेपी के दबाव में काम करने के आरोप लगाए और शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल के नेतृत्व में पुलिस कमिश्नर को मयसबूत ज्ञापन भी सौंपा।
पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा इंदौर की संस्कृति को ध्यान में रख बीजेपी नेताओं से थाने में समझौता करने की कवायद की गई थी लेकिन बिना किसी प्रमाण के पुलिस ने वार्ड 22 के प्रत्याशी राजू भदौरिया पर हत्या के प्रयाश का मामला दर्ज कर लिया वही दूसरी ओर सरकारी कार्य मे बाधा डालने के मामले में प्रत्याशी अनवर कादरी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। वही पुलिस ने कांग्रेस के मण्डल अध्यक्ष सुनील सोलंकी के साथ मारपीट के मामले में विधायक पुत्र एकलव्य गौड़ पर प्रकरण दर्ज नही करने पर भी सवाल उठाए।
इधर, कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी ने पूरे मामले को बीजेपी की हार की बौखलाहट बताया और कहा कि पुलिस ने दबाव में काम किया और कांग्रेस चुनाव के दौरान बीजेपी द्वारा दर्ज करवाये गए प्रकरणों पर सवाल उठाएगी क्योंकि पुलिस ने बिना पुख़्ता प्रमाणों के गंभीर धाराओं में 2 पार्षद प्रत्याशियों के खिलाफ़ प्रकरण दर्ज किए है जबकि कांग्रेस की शिकायत को दरकिनार कर दिया वो भी ऐसे हालात में जब बीजेपी कार्यकर्ताओ ने पुलिस पर हमला किया है। इधर, पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारि मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस ने ज्ञापन सौंपा है और पुलिस हर तथ्य की जांच करेगी। वही उन्होंने कहा कि पुलिस ने पूरे चुनाव में पारदर्शिता के साथ काम किया है।