जीतू पटवारी का शिवराज को पत्र, इंदौर नगर निगम पर साधा निशाना, बढ़ते करों पर जताई नाराज़गी

शिवराज को याद दिलाते हुए पटवारी ने लिखा की इन्हीं व्यापारियों द्वारा चुकाए गए टैक्स के जरिए आज इंदौर को मध्य प्रदेश की व्यवसायिक राजधानी का तमगा मिला है।

इन्दौर, डेस्क रिपोर्ट। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष और राऊ विधानसभा विधायक जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दिवाली से पहले इंदौर नगर निगम द्वारा व्यापारियों पर डाले जा रहे बोझ को लेकड़ चिंता व्यक्त की है और पत्र लिखा है। पटवारी ने निगम द्वारा जारी किए गए आदेशों को तुगलकी बताकर इन्हें तत्काल रुप से निरस्त करने की प्रार्थना की है।

जीतू पटवारी का शिवराज को पत्र, इंदौर नगर निगम पर साधा निशाना, बढ़ते करों पर जताई नाराज़गी

पटवारी ने पत्र में लिखा है कि आपके सपनों के शहर इंदौर के नगर निगम द्वारा दिवाली से पहले व्यापारियों पर एक नया बोझ डाला जा रहा है, जिसके अंतर्गत अगर कोई भी व्यापारी अपनी दुकान पर 3 फीट से ऊंचा बोर्ड लगाता है तो उसे टैक्स देना होगा। इतना ही नहीं उसे हर 3 साल में ₹11800 देकर रजिस्ट्रेशन भी करना हो। जिस इलाके में वह दुकान स्थित है वहां प्रॉपर्टी की कलेक्टर गाइडलाइन के हिसाब से 4 परसेंट प्रति वर्ग फीट सालाना शुल्क भी अलग से देना होगा। और यह नए बोझ तब जब व्यापारी पहले से ही लगभग 10 टैक्स अदा कर रहे हैं।

पटवारी ने पत्र में मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि कैसे निगम द्वारा सालाना बजट में यह तय किया गया था की जनता पर किसी भी तरह का नया टैक्स नहीं लादा जाएगा लेकिन अब राजस्व की बात कर टैक्स वसूली के नोटिस जारी किए जा रहे हैं। पटवारी ने नगर निगम प्रशासन द्वारा दिए जा रहे बयानों को कुतर्क बताया है और व्यापारियों के आंदोलन की चेतावनी को अनसुना करने को निगम की हठधर्मिता कहा है।

पटवारी ने नोटबंदी,जीएसटी, बढ़ती महंगाई और कोरोना महामारी का हवाला देते हुए व्यापारियों का पक्ष रखा। उन्होंने पत्र में लिखा कि आज स्थिति यह है कि लाखों व्यापारी कर्ज और नुकसान के कारण अपना पुश्तैनी व्यापार बदलने को मजबूर हैं, ऐसी विषम परिस्थितियों में उद्योग–धंधों को पुनर्जीवित करने के लिए राहत और रियायत की जरूरत है। लेकिन इंदौर नगर निगम परेशान व्यापारियों पर आर्थिक अत्याचार कर उन्हें और अधिक हैरान कर रहा है।

शिवराज को याद दिलाते हुए पटवारी ने लिखा की इन्हीं व्यापारियों द्वारा चुकाए गए टैक्स के जरिए आज इंदौर को मध्य प्रदेश की व्यवसायिक राजधानी का तमगा मिला है। इन्हीं दुकानदारों और कारोबारियों के आत्मविश्वास और स्वच्छता संकल्प के चलते इंदौर को स्वच्छता में शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है जिससे मध्य प्रदेश का पूरे देश में मान बढ़ा है। पटवारी ने इस पत्र की एक प्रतिलपि नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह को भी भेजी है।