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इंदौर।

ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में चल रहे इंदौर नगर निगम के बजट सत्र के दूसरे दिन जमकर हंगामा हुआ।बजट सत्र के बीच में कांग्रेस कार्यकर्ता जबरदस्ती घुस आए और अभद्रता करने लगे।इसके बाद बीजेपी पार्षदों और कांग्रेसियों में जमकर बहस हुई। बात इतनी बढी की कांग्रेसियों ने एमआईसी सदस्य सुधीर देडगे के साथ धक्का मुक्की कर दी।इस दौरान निगम सभापति ने स्थिति संभालने की कोशिश की लेकिन नाकामयाब रहे। इसी हंगामे के बीच बहुमत के साथ निगम का बजट पारित हुआ औऱ सत्र समाप्त हो गया।

 इस हंगामे के बाद महापौर मालिनी गौड पार्षदों के साथ कांग्रेस नेताओं के खिलाफ अभद्रता का केस दर्ज कराने लसूड़िया थाने पहुंच गई हैं। उन्होंने इस दिन को नगर निगम के इतिहास का काला दिवस बताया है और कहा कि हमने सत्र के दौरान अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने की मांग की थी, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। वे कांग्रेस सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। सैकड़ों कांग्रेसी सदन में घुस आए और भाजपा के पार्षदों और एमआईसी सदस्यों के साथ हाथापाई की है। उन्होंने धारा 144 का उल्लंघन किया है। इसलिए लसुड़िया थाना पहुंचकर एफआईआर दर्ज करवाते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

वहां मौजूद विधायक महेंद्र हार्डिया ने भी इसे शर्मनाक घटना बताया है। वही महापौर के साथ सभी भाजपा पार्षद थाने के बाहर बैठकर कांग्रेस को सद्बुद्धि देने के लिए भजन करना शुरु कर दिया है।बीजेपी नेताओं ने अधिकारियों को कांग्रेस का गुलाम बताया और चूड़ियां पहनाने की बात कही।

जानकारी के मुताबिक  क्षेत्र क्रमांक 2 में पानी की समस्या को लेकर कांग्रेसियों ने पूर्व कांग्रेस पार्षद चिंटू चौकसे के नेतृत्व में हंगामा किया ।चिंटू चौकसे के नेतृत्व में वार्ड के लोग निगम परिषद सम्मेलन में पहुंचे और प्रदर्शन किया। जलसंकट से परेशान लोग यहां टैंट लगाकर अफसरों के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इसके बाद वे सम्मेलन हॉल में घुस गए और जमकर नारेबाजी करने लगे और भाजपा पार्षदों को मारने की बात कही। सभापति के मना करने के बाद भी वे भाजपा और निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अपशब्द का प्रयोग करते रहे। मामला बिगड़ता देख पार्षद सुधीर देड़गे कार्यकर्ताओं को बाहर जाने का कहने लगे तो उनके साथ हाथापाई की गई। करीब आधे घंटे तक सदन में हंगामा होता रहा। निगम के बजट सत्र में हंगामा करने पहुंचे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का कहना था कि निगम शहर को पानी नहीं दे पा रहा है और यहां लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। आपत्ति के बाद सभी को वहां से हटाया गया। इस बीच काफी देर तक भाजपा और कांग्रेस के पार्षद आमने-सामने आकर नारेबाजी करते रहे। सभापति अजय सिंह नरुका ने हंगामा कर रही माधवी चौकसे को निलंबित करने की चेतावनी दी। वे निगम के साथ ही नर्मदा प्रोजेक्ट के अधीक्षण यंत्री हरभजन सिंह के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।बीजेपी नेता चिंटू चौकसे के खिलाफ रिपोर्ट कराने थाने पहुंचे है।