Corona effect: इंदौर में मरीजों के लिए बहाल की गई ये नई सेवा

इंदौर।आकाश धौलपुरे

इंदौर में फैल रहे कोरोना संक्रमण के बीच आम मरीजों के लिए अब इंदौर प्रशासन ने ओला एंबुलेंस की शुरुआत की है। इंदौर कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि शहर के अलग-अलग पॉइंट पर और एंबुलेंस मौजूद रहेगी। जो गैर कोरोना संक्रमित मरीजों को ग्रीन जोन वाले अस्पताल तक पहुंचाएगी।

दरअसल इंदौर में तेजी से संक्रमित मरीजों के आंकड़ों में वृद्धि होती जा रही है। जिससे अन्य बीमारी से ग्रसित मरीजों को एंबुलेंस आदि की सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसके लिए इंदौर में ओला एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। गैर कोविड मरीज ग्रीन जोन अस्पताल तक के लिए ओला एंबुलेंस की सुविधा ले सकते हैं। इसके लिए जिस तरह ओला से वाहनों की बुकिंग की जाती थी। उसी तरह इस एंबुलेंस की भी बुकिंग की जा सकेगी। जिला कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि इंदौर की आबादी एवं अस्पतालों के संख्या को मिलाकर देखा जाए तो हमारे यहां करीबन 25 से 30 एंबुलेंस है। जो आबादी के नजरिए से थोड़ी कम भी है। पिछले दिनों में एक घटना के वजह से यह फैसला लिया गया है। ताकि लोगों को कोई असुविधा ना हो। 2363009 इस कंट्रोल नंबर पर कॉल कर आमजन ओला एंबुलेंस की सुविधा ले सकते हैं।

कलेक्टर सिंह ने कहा कि नगर निगम के माध्यम से हम इस एंबुलेंस को शहर के सभी अस्पतालों के आसपास तैनात करवाएंगे। जहां बाहर से आ रहे मरीजों को एवं अन्य मरीजों को कैसे असुविधा का सामना न करना पड़े। कलेक्टर सिंह ने कहा कि ऐसी परिस्थिति को हमें संयम एवं धैर्य से निपटने की जरूरत है। वही कोरोना पर बात करते हुए कलेक्टर सिंह ने कहा कि आज इंदौर में जो पॉजिटिव रिपोर्ट आई है वह इंदौर में सबसे पहले और दूसरे सप्ताह आए मरीजों के संक्रमण में आए लोगों की है। जिन्हें संदिग्ध मानकर पहले क्वॉरेंटाइन किया जा चुका था। लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि हमारे पास उत्तम व्यवस्था के साथ-साथ डॉक्टर्स भी अच्छे से मरीजों का इलाज कर रहे हैं। जिले में बंद प्राथमिक अस्पतालों को वापस शुरू करवा दिया गया। वहीं कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव में तेजी से गिरावट आने की भी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इंदौर में कोरोना संक्रमण फरवरी तथा मार्च महीने में ही फैल चुका था। इंदौर के तीन सबसे संक्रमित क्षेत्र मार्च माह में पूरी तरह कोरोना वायरस से घिर चुके थे। लेकिन अब लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। घर से बाहर ना निकले, लोगों के संपर्क में कम आएं, किसी भी वस्तु को छूने के बाद अथवा पहले अपने हाथों को सैनिटाइज अवश्य करें। हम जागरूकता से ही इस वायरस के संक्रमण को रोक सकते हैं।

ओला एम्बुलेंस व्यवस्था के समन्वयक के तौर पर प्रशासनिक अधिकारी चन्द्रमौलि शुक्ला को जिम्मेदारी दी गई है। चन्द्रमौलि शुक्ला ने बताया कि ओला एम्बुलेंस के ड्राइवर को प्रशिक्षण दिया गया है और वे अभी पीपीई कीट का उपयोग कर अपना काम करेंगे। हालांकि ओला एम्बुलेंस में आम लोग सफर नही कर पाएंगे क्योंकि इस नवाचार की शुरुआत इंदौर में लोगो को सुविधाजनक और समय पर इलाज मिलने के लिए की गई है। लिहाजा आम लोग लॉक डाउन के दौरान ओला टैक्सी का उपयोग महज मेडिकल इमरजेंसी के लिए ही कर पाएंगे। इधर, ओला ड्रायवर भी संकट के समय शहर को अपनी सेवा देने के लिए उत्सुक है। माना जा रहा है कि आज से शहर में अलग अलग स्थानों पर तकरीबन 50 ओला एम्बुलेंस लोगो के लिए उपलब्ध रहेगी जिन्हें एप्प के माध्यम से बुक किया जा सकेगा।