इंदौर, धोलपुरे। कोरोना के यूके स्ट्रेन(UK Strain)  के 6 मरीज इंदौर में सामने आने के बाद मिनी मुंबई में कोरोना के संक्रमण के फैलाव का खतरा बढ़ गया है। दरअसल, कोविड – 19 का यूके स्ट्रेन तेजी से फैलता है जिसके चलते इंदौर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधान रहने की अपील करने के साथ सभी नियमों के पालन करने की बात कही है।

Corona News: इंदौर में जारी कोरोना का कहर, 2 दिन में 3 लोगों की हुई मौत

बता दें कि इंदौर में बीते 2 दिनों में कोरोना से 3 लोग अपनी जान गंवा चुके है। ऐसे में इस खतरे को देखते हुए प्रशासन और भी सतर्क हो गया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग जिला इंदौर द्वारा जारी की गई ताजा रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को एक ही दिन में कोरोना संक्रमण के 166 केस सामने आए है। जिसके बाद इंदौर में अब तक कुल पॉजिटिव मरीजो की संख्या 60886 तक जा पहुंची है। वहीं बीते 2 दिनों में हुई 3 मौतों के बाद के कोविड से जान गंवाने वालो की संख्या 936 तक जा पहुंची गई है। वहीं अभी भी इंदौर में 1353 लोगों का इलाज जारी है। इसके अलावा अब तक 58 हजार 597 लोग कोरोना को मात दे चुकें है और जिंदगी की जंग जीत चुके है।

ध्यान रहे कोरोना अभी गया नहीं है-

कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. अमित मालाकार ने बताया कि बीते कुछ दिनों में कोविड की रफ्तार बढ़ी है। उन्होंने आगे कहा कि यूके का स्ट्रेन भी इंदौर में निकला है जो काफी तेजी से लोगों को संक्रमित करता है हालांकि उसके फ्रेटालिटी रेट उतने नहीं मिले है। बावजूद इसके लोगों को जागरूक रहकर सावधानी बरतनी चाहिए और सेनेटाइजर के इस्तेमाल के साथ ही मास्क का उपयोग करना चाहिए और भीड़ वाले क्षेत्रों मे जाने से बचना चाहिए।

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वैक्सीन लगवाने के डेढ़ से दो महीने में डेवलप होती है एंटीबॉडी-
डॉ. अमित मालाकार ने बताया कि यूके वेरिएंट के आने से बच्चो में संक्रमण का खतरा बढ़ा है हालांकि कुल कोविड संक्रमितों में से 4 प्रतिशत ऐसे केस आए हैं जिनमे 10 साल से कम उम्र के बच्चे शामिल है। वहीं बच्चो के वैक्सीनेशन के सवाल पर उन्होंने कहा कि बहुत सारे वैक्सीन अभी पाइपलाइन में है और उम्मीद है जल्द ही बच्चों के लिए भी वैक्सीन की व्यवस्था सरकार के द्वारा उपलब्ध कराई जा सकती है। उन्होंने बताया कि कोविड का टीका लगवाने के बाद जनता को ये नहीं मानना चाहिए कि हम वेक्सीनेट हो गए है तो तुरंत एंटीबॉडी डेवलप हो जाएगी। उन्होंने बताया कि वैक्सीनेशन के बाद भी कम से कम डेढ़ से दो महीने के बाद एंटीबॉडी प्रापरली डेवलप होती है। ऐसे में तब तक के लोगो को सेनेटाइजर, मास्क का उपयोग कर सोशल डिस्टेसिंग का पालन करना चाहिए।