अठारह सौ करोड़ रुपए के जीएसटी घोटाले में सरकार ने तलब की रिपोर्ट

इंदौर।
राज्य सरकार ने प्रदेश में हुए 1800 करोड़ के जीएसटी घोटाले के मामले पूरी जांच रिपोर्ट वाणिज्यिक कर मुख्यालय इंदौर से मांगी है। वही इस प्रदेश के आलावा सात राज्यों की सरकारे भी सकते में आ गई है। इन राज्यों में उत्तर प्रदेश दिल्ली, बिहार, असम, हिमाचल, हरियाणा शामिल है। भोपाल की फर्म मेसर्स एमपीके ट्रेडर्स द्वारा ने जिन-जिन कंपनियों में ट्रांजेक्शन बताया हैं, उन सभी को जांच के दायरे में लिया जा गया है।

इस कंपनी की जांच में मौके पर कुछ नहीं पाया गया है। ट्रांजेक्शन से पता चला है कि कंपनी ने 29 जनवरी को जीएसटी में रजिस्ट्रेशन लिया था। प्रदेश जीएसटी लागू होने के बाद से पांच हजार करोड़ से ज्यादा के फर्जी बिलिंग मामले सामने आ चुके है। इस से अभी तक सात सौ करोड़ से ज्यादा की जीएसटी चोरी और इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले का अनुमान है। मार्च 2020 के पहले सप्ताह में हुई कार्रवाई में अभी तक 1800 करोड़ की फर्जी बिलिंग के मामला सामने आ चुके है, जो ढाई हजार करोड़ से अधिक का हो सकता है।

जिन वाहनों से परिवहन बताया उनके नंबर फर्जी
कंपनी ने 23 दिन में 20 फरवरी तक बंद होने से पहले ही करीब 600 करोड़ के बिल काट दिए। कंपनी ने ई-वे बिल के माध्यम से जिन वाहनों से माल का परिवहन बताया, इसमें अधिकांश नंबर फर्जी हैं। यह जिन वाहने के नंबर है उन में कैब, आटो टेपौ है। जिन से साफ नजर आ राहा है कि जीएसटी की चौरी बड़े पैमने पर की जा रही थी।