इंदौर में फिर निजी अस्पताल की घोर लापरवाही, ग्रेटर कैलाश हॉस्पिटल ने की शवों की अदला-बदली

इंदौर, आकाश धोलपुरे। अपनी लापरवाही के कारण सुर्खियों में रहने वाले इंदौर के ग्रेटर कैलाश हॉस्पिटल प्रबंधन एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार ग्रेटर कैलाश ने घोर लापरवाही बरतते हुए शवों की अदला बदली कर दी है। इस कारण दो परिवार बेहद परेशान हो गए और उन्होंने जमकर हंगामा किया।

खंडवा में रहने वाले एक व्यापारी की मौत शुक्रवार रात में हो गई थी, जिसके बाद सुबह अस्पताल प्रबंधन ने बॉडी परिजनों को सौंप दी। अब जब परिजन बॉडी लेकर एम्बुलेंस से इंदौर से 60 किलोमीटर आगे बड़वाह और सनावद के बीच पहुंचे तो अचानक ग्रेटर कैलाश हॉस्पिटल से फोन आता है कि गलती से बॉडी बदल गई है और आपके पास महू में रहने वाले एक परिवार के बुजुर्ग की बॉडी पहुंच गई है।

शवों की अदला बदली का मामला उस वक्त उजागर हुआ जब महू निवासी एक परिवार कोरोना संक्रमित बुजुर्ग की मौत के बाद उनकी बॉडी लेने अस्पताल पहुंचा। इसके बाद पता चला कि वो शव तो खंडवा निवासी व्यापारी का है। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने खंडवा की ओर जा रहे परिवार को फोन किया और शव को वापस अस्पताल बुलाया, बीच रास्ते में शवों की अदला बदली कराई गई। इस पूरे मामले में खंडवा में रहने वाले परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गम्भीर आरोप लगाया है। उनकी मानें तो उनके 64 वर्षीय पिता को कोरोना नहीं था फिर भी उन्हें कोविड वार्ड में रखा गया था। जबकि महू के बुजुर्ग व्यक्ति की मौत कोरोना संक्रमण के कारण हुई है। ऐसे में अब खंडवा की और जा रहे परिजन कोविड संक्रमित शव के साथ 60 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी का सफर तय कर चुके है, जिसके बाद अब उन दो लोगों पर और ड्राइवर पर भी कोरोना संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है।

इस पूरे मामले के कई वीडियो खंडवा की ओर जा रहे परिजनों ने बनाए हैं जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में साफ कहा जा रहा है कि ग्रेटर कैलाश हॉस्पिटल में इलाज न कराया जाए। बता दें कि कुछ दिनों पहले ख्यात डॉक्टर जीएस मित्तल की भी अस्पताल प्रबंधन की देरी के चलते मौत हो गई थी और उनके बेटे ने पलासिया थाने में शिकायती आवेदन भी दिया था जिसमें अस्पताल प्रबंधक डॉ. अनिल बंडी पर गम्भीर आरोप लगाए गए थे। इसके अलावा वेतन और मानदेय नही मिलने से परेशान डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ ने भी ग्रेटर कैलाश अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। अब शवों की अदला बदली का मामले सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधक डॉक्टर अनिल बंडी की मुश्किलें बढ़ना लाजिमी है।