विदेशों से आए 3100 भारतीयों को ढूंढने में जुटा स्वास्थ्य विभाग, अब तक कोई कोरोना पॉजिटिव नही

इंदौर। आकाश धौलपुरे। मध्यप्रदेश की सबसे घनी आबादी वाले इंदौर शहर में कोरोना (कोविड-19) संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है और ये ही वजह है स्वास्थ्य विभाग का अमला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जाडिया की अगुआई में अपनी टीम वे साथ मिलकर दिन रात एक कर कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते सजग है। दरअसल, इंदौर में हाल ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिले से 35 संदिग्ध मरीजो के सैंपल जांच के लिए भेजे थे जिनकी रिपोर्ट आ चुकी है और कोई रिपोर्ट पॉजिटिव नही आई है जो एक लिहाज से सुखद खबर है। वही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 4 मरीजो को वर्तमान में आइसोलेशन में रखा हुआ और इन सभी लोगो की रिपोर्ट निगेटिव आई है ऐसे में कोरोना को लेकर विभाग किसी भी प्रकार की चिंता से मुक्त है। विभाग के मुताबिक 14 दिन पहले विभाग ने 162 लोगो को होम कोरोंटाइन किया था और अब 14 दिन पूरे चुके और इनमें से किसी भी मरीज में संक्रमण का नामो निशान नही है। विभाग की माने तो 14 दिन तक कोई भी ऐसे लक्षण 162 लोगो मे नही पाए गए जिसके चलते अब सभी सन्दिग्ध पूरी तरह से स्वस्थ है। इधर, 21 मार्च इंटरनेशनल फ्लाइट से दुबई से इंदौर पहुंचे थे जिनमें 60 यात्री इंदौर निवासी है और बाकि यात्री प्रदेश के अन्य शहरों के है ऐसे में विभाग ने इन 60 लोगो को होम कोरोंटाइन कर उन्हें निगरानी में रखा है जिनकी निगरानी 4 अप्रैल तक जारी रहेगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जाडिया के मुताबिक सोमवार को शहर के अलग – अलग स्थानों से 85 मरीजो की जानकारी सामने आई थी जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग के निर्देशन में बनी 18 रेपिड रिस्पॉन्स टीम उनकी जांच और निगरानी कर रही है। वही स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति के मुताबिक 3 रिजर्व रेपिड रिस्पॉन्स टीम भी बनाई है जिसका उपयोग आवश्यकता पड़ने पर किया जाएगा। विभाग के लिए एक बड़ी चिंता का विषय वो लोग जो विदेशों से भारत आये है और घरेलू उड़ानों के जरिये इंदौर पहुंचे है। ऐसे 3100 लोगो की नई लिस्ट केंद्र सरकार ने राज्य सरकार का सौंप है और अब विभाग उन लोगो की तलाश कर उन्हें निगरानी में रखने के लिए युद्ध स्तर पर जुट गया है। विभाग के मुताबिक जो लोग विदेश से आये है उनके बारे में ये जानकारी भी जुटाई जा रही है वो इतने दिनों में शहर या शहर से बाहर कब और कहा गए। इधर, विदेश से लौटे भारतीयों पर सजा के प्रावधान पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की बात से इंकार किया है वही विभाग ने ये भी ताकीद किया है कि यदि जरूरत पड़ी तो मध्यप्रदेश 1949 पब्लिक हेल्थ एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है यदि उन लोगो से किसी को नुकसान पहुंचा हो तो। वही विभाग ने एक बडी पहल को अंजाम देकर शहर के ऐसे घरों पर स्टिकर लगाना शुरू कर दिए जिनके घर पर संदिग्धों को होम कोरोंटाइन किया जा रहा है। फिलहाल, इंदौर में अब तक एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नही है लेकिन चुनौती वो 3100 लोग है जो कुछ दिनों पहले विदेशों से आये है और उन्होंने जानकारी नही दी है।

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