मॉब लिचिंग: घायलों से मिलने अस्पताल पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री, इलाज का खर्चा उठाएगी सरकार

इंदौर। आकाश धौलपुरे।

मध्यप्रदेश के धार जिले के तिरला थाना क्षेत्र के खड़किया गांव में उज्जैन के लिम्बा पिपलिया गांव के किसानों को बकाया देने के नाम पर पहले तो बुलाया गया और उसके बाद उनके साथ लाठी और पत्थरो से मारपीट की गई। घटना के दौरान दो अलग अलग कारो में सवार होकर पहुंचे खेत मालिको पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया और जब बचने की कोशिश में लोग वहां से भागे तो ग्रामीणों ने बच्चा चोरी की अफवाह फैलाई जिसके बाद जब ये सभी 20 किलोमीटर दूर बोरलाय पहुंचे तो वहां हॉट बाजार में मौजूद लोगों ने भी पत्थरों और लाठियों से सभी पर हमला बोल दिया। लोगो ने उज्जैन के किसानों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा। इस दौरान ड्राइवर गणेश पिता मनोज पटेल को गम्भीर चोंट आई जिसके बड़वानी में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक जगदीश पिता राधेश्याम शर्मा, जगदीश पिता पूनमचंद शर्मा, रवि पटेल, नरेंद्र शर्मा और विनोद मुकाती को घायल अवस्था में इंदौर के चोइथराम अस्पताल लाया गया, जहां रवि पटेल की हालत गम्भीर बनी हुई है। घटना इतनी भयावह थी कि प्रदेश के मुखिया कमलनाथ से इसे मानवता को शर्मसार करने वाली घटना करार दिया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात की। इधर, इंदौर में आज सुबह से ही प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री एक्शन में है। धार में हुई घटना की कड़ी निंदा करते हुए मंत्री सिलावट घायलों की हालत जानने के लिए चोइथराम अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने कहा कि घटना निंदनीय है और मामले में 3 लोगो को गिरफ्तार कर लिया गया है वही घायलों का इलाज सरकार कराएगी इसके साथ ही उन्होंने 2 लाख के मुआवजे की घोषणा भी की। हालांकि, उन्होंने ये भी साफ किया कि मुआवजा राशि कोई भरपाई नही कर पाएगी क्योंकि जो हुआ है वो बिल्कुल गलत है। स्वास्थ्य मंत्री सिलावट ने कहा इस पूरे घटनाक्रम के हर पहलू पर उनकी नजर है और हर मामले की अपडेट वो अधिकारियों से ले रहे है। मंत्री सिलावट ने कहा कि घटना की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी गई है। फिलहाल, चोइथराम अस्पताल में घायल खेत मालिको का इलाज जारी है। घटना के बाद कई सवाल उठ रहे है जिनका जबाव आने वाले दिनों में सरकार को देना होगा। फिलहाल, सरकार के मंत्री अब एक्शन में है और मांग भी उठ रही है कि सभी दोषियों की जल्द गिरफ्तारी हो और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई भी हो।