इंदौर में रोजाना 500 पार पॉजिटिव आंकड़े का असर, बाजार से भीड़ नदारद, व्यापारी परेशान

न तो इंदौर 56 बाजार पर लोगो की भीड़ स्वाद का लुत्फ उठा रही है और ना ही इंदौर के प्रसिद्ध अपोलो टॉवर में पार्टी वियर कपड़ो की खरीदी हो रही है। कोरोना का भय और प्रशासन की लगाम ही वजह है कि इंदौर में अलग अलग सेक्टर्स में करोबार करीब आधा रह गया है

इंदौर, आकाश धोलपुरे| मध्यप्रदेश (Madhyapradesh) की आर्थिक राजधानी में कोरोना (Corona) ने एक बार फिर व्यापारिक जगत को हैरान करना शुरू कर दिया है। दरअसल, बीते 8 दिन से लगातार 500 से ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए है और प्रशासन ने कोरोना पर लगाम कसने के लिए राज्य शासन को भेजे गए प्रस्ताव के चलते कुछ प्रतिबन्ध भी लगाए जिसके तहत शहर मे नाइट कर्फ्यू (Night Curfew) के अलावा बाजार को 8 बजे बन्द करने का फैसला लिया गया।

इधर, अपने जायके के लिए मशहूर इंदौर (Indore) में खान पान के बाजार में कोरोना के डर की वजह से भीड़ गायब हो गई है वही दूसरी और लग्नसरा के दौरान जल्दी बाजार बन्द होने के गारमेंट्स सेक्टर बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। न तो इंदौर 56 बाजार पर लोगो की भीड़ स्वाद का लुत्फ उठा रही है और ना ही इंदौर के प्रसिद्ध अपोलो टॉवर में पार्टी वियर कपड़ो की खरीदी हो रही है। कोरोना का भय और प्रशासन की लगाम ही वजह है कि इंदौर में अलग अलग सेक्टर्स में करोबार करीब आधा रह गया है। जहां 56 दुकान में खाने पीने कि वस्तुए बेचने वाले मान रहे है कि कोरोना संक्रमण के कारण लोग भय के चलते खुले बाजार में स्वाद का लुत्फ नही उठा रहे है।

वही गारमेंट सेक्टर में विक्रेता एक तो कोरोना को कारोबार आधा करने का जिम्मेदार मान रहे है। वही दूसरी ओर प्रशासन के प्रतिबन्ध के कारण उनमे नाराजगी का माहौल है। पार्टी वियर कलेक्शन की संचालिका नीलम चावला ने व्यापारियो के दर्द को बयां कर कहा कि उन्हें 12 दिसम्बर तक चलने वाले वैवाहिक सीजन तक 9 बजकर 30 मिनिट तक दुकान चालू रखने की मांग की तो दूसरी ओर उन्होंने शराब की दुकान और राजनीतिक कार्यक्रम में एकत्रित भीड़ को लेकर प्रशासन और सरकार पर सवाल उठाए।

कुल मिलाकर ये कहा जा सकता है कि प्रदेश की आर्थिक राजधानी कोरोना के आगोश में है ऐसे में कारोबार का ठप होना भी लाजिमी है।