Indore: आइसोलेशन वार्ड से भागा संक्रमित मरीज, प्रशासन ने पकड़ अस्पताल में किया क्वॉरेंटाइन

बेटमा/इंदौर।

प्रदेश के इंदौर जिले में कोरोना वायरस का लगातार तेज़ी से बढ़ना एक चिंता का विषय बना हुआ है। जिसके साथ शहर के बाद अब यह संक्रमण ग्रामीण इलाके में भी पांव पसार रही है। इंदौर के ग्रामीण इलाके बेटमा से पहला कोरोना पॉजिटिव मरीज पाया गया है। जिसे इंदौर में रिश्तेदार की कोरोना संक्रमण से मौत के बाद उसके संक्रमण ने आने से आइसोलेशन में रखा गया था। जहां से गुरुवार की रात अपने वाहन से अपने गांव बेटमा पहुंच गया। इसी दौरान उसकी जांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन की खोजबीन के बाद उसे घर से पकड़ा गया। फिलहाल संक्रमित युवक को इंदौर के एक निजी अस्पताल में क्वॉरेंटाइन किया गया है।

दरअसल इंदौर के बेटमा क्षेत्र के एक 35 वर्षीय युवक की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद एसडीएम प्रतुल सिन्हा और उनकी टीम ने ग्रामीण लोगों की सूचना पर युवक को उसके घर से उठाकर वापस अस्पताल ले गए। बताया जा रहा है कि युवक इंदौर अपने किसी रिश्तेदार की इस संक्रमण में आने की चपेट में हुई मौत के बाद उसके संपर्क में आया था। जिसके बाद 35 वर्षीय संक्रमित युवक को आइसोलेशन वार्ड में रख उसके सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। किंतु इसी इसी बीच वो निजी वाहन से अपने घर पर बेटमा पहुंच गया था। इसी दौरान उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद प्रशासन ने उसे इंदौर के एक निजी अस्पताल में रखा है और साथ ही उसके घर के आसपास के इलाके को सील कर दिया है। इसी बीच युवक से पूछताछ जारी है कि इस दौरान वह किस- किस के संपर्क में आया था।

वहीं दूसरी तरफ इंदौर संभाग के इंदौर जिला इस वायरस से अधिक प्रभावित है। राहत की बात यह है कि खरगोन में गुरूवार को आयी जांच रिपोर्ट में यहां के सभी मरीज इस वायरस के जांच में नेगेटिव पाए गए हैं। संक्रमित मरीजों के बारे में जानकारी देते हुए संभागायुक्त आकाश त्रिपाठी ने बताया एक-दो दिन में 17 मरीज ठीक हो जाएंगे। वही त्रिपाठी ने यह भी हिदायत दी कि सर्दी, खांसी, बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने के लक्षण पर तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच कराए। उन्होंने कहा कि बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत अपने आपको अस्पताल में भर्ती करें एवं समय पर इलाज लें। जिससे ये बीमारी जल्दी ठीक हो सकती है।