इंदौर: कोरोना मरीजों का डाउन ट्रेंड आ रहा है सामने, अब तेजी से होगा सर्वे- CMHO

इंदौर। आकाश धौलपुरे

इंदौर(indore) में कोरोना का संकट गहरा है लेकिन बीते 3 दिनो से कोरोना पॉजिटिव(corona positive) मरीजों के आकड़ों में आ रही गिरावट ने ना सिर्फ कोरोना वारियर्स(corona warriors) के विश्वास को बढ़ाया है बल्कि शहरवासियों के लिए भी हल्की राहत दी है। दरअसल रविवार रात को इंदौर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी(cmho) द्वारा जारी किए गए आंकड़े ये साफ कर रहे है कि इंदौर अब कोरोना से फाइट(fight) कर रेड जोन(red zone) से ऑरेंज जोन(orage zone) में जाने के लिए बेताब है। सोमवार को इंदौर CMHO डॉ. प्रवीण जाड़िया ने बताया कि कल रात तक अकेले इंदौर जिले में 7 कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आए है। जिसके बाद इंदौर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 897 हो चुकी है। वही मौत के 4 मामलों के बाद इंदौर में अब तक 52 लोगो की मौत कोरोना के चलते हुई है। CMHO INDORE ने बताया कि वर्तमान में जो मरीज सामने आ रहे है। ये उन ही क्षेत्रो से जहाँ से लोगों को पहले ही क्वांरन्टीन किया जा चुका है। हालांकि उन्होंने ये भी साफ किया नए मरीज आ तो रहे है लेकिन उनकी संख्या बहुत कम है। उन्होंने बताया कि इंदौर में अब तक 44 क्वांरन्टीन(quarantine) सेंटर में 1600 लोगों को क्वांरन्टीन किया का चुका है। जिनमे से 500 लोगो को डिस्चार्ज भी कर दिया गया है और वर्तमान में 1 हजार से अधिक लोग क्वांरन्टीन है।

CMHO के मुताबिक शहर के साढ़े 7 लाख लोगो का सर्वे किया जा चुका है और अब सर्वे टीम(servey team) की संख्या बढ़ाकर कर तेजी से बचे हुए लोगो का सर्वे ऍप(app) के माध्यम से किया जा रहा है। जिसकी रिपोर्ट(report) जल्द ही सामने आएगी। वही उन्होंने बताया कि शहर में कोरोना के कई मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री(travel history) सामने भले ही न आई हो लेकिन ये वो ही मरीज है जो ऐसे लोगों के संपर्क में आये थे। जो यात्रा कर इंदौर आये थे और हो सकता है सम्मेलन और समारोह में शामिल होने के बाद कई लोग संक्रमित हुए हो। जिसके बाद संक्रमित लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कई अन्य लोगों संपर्क में आये। जिसके बाद पहले उनके परिजन संपर्क में आए और बाद में तंग बस्तियों में रहने वाले लोगो मे कोरोना तेजी से फैलता चला गया। अब संक्रमित क्षेत्रो से लोगों को क्वारन्टीन कर दिया गया है और एक तरह से कोरोना संक्रमण की चैन को ब्रेक भी कर दिया गया है। इसी का नतीजा है कि अब आकड़ों में कमी आ रही है। जमातियों से कोरोना फैलने के मामले में डॉ. प्रवीण जाड़िया का मानना है कि 12 ऐसे लोगों मे कोरोना संक्रमण पाया गया था और वो शहर के अलग – अलग क्षेत्रो में रह रहे थे। डॉ जाड़िया ने कोरोना संक्रमण का शहर में फैलने का एक कारण जमातियों को भी माना है।

CMHO इंदौर में बताया कि खजराना9KHAZRAANA), चन्दननगर(chandannagar), टाटपट्टी बाखल(tatpatti bakhal), नयापुरा(nayapura) जैसे क्षेत्रों से सबसे ज्यादा मरीज सामने आए है। कोरोना की चैन ब्रेक(chain break) का दावा करने वाले डॉ. जाड़िया का ये भी मानना है कि पिछले 3 दिनों से कोरोना ट्रेंड नीचे जा रहा है और अब उन क्षेत्रों से सैम्पल कलेक्ट(sample select किया जाएगा जहां से लोग कम प्रभावित हुए है। उन्होंने ये भी माना कि अब लग रहा है कि इंदौर में कोरोना का डाउन ट्रेंड शुरू हो गया है। भले ही इंदौर में कोरोना की चैन ब्रेक होने की बात सामने आ रही हो या आकड़ों के डाउन ट्रेंड भी सामने आ रहे हो लेकिन हमे ये नही भूलना चाहिए कि इंदौर में पॉजिटिव मरीजों की लंबी फ़ेहरिस्त है जो ना जाने किन किन लोगों से जुड़ी थी। लिहाजा शहर को इस वक्त हर कदम फूंक – फूंक रखने की और लॉक डाउन के नियमों के साथ ही प्रशासन के हर निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की जरूरत है।