इंदौर: निगम की लापरवाही से शहर की जान आफत में, सब्जियों के जरिये वायरस फैलने की आशंका

इंदौर/आकाश धोलपुरे

इंदौर नगर निगम की नवागत आयुक्त प्रतिभा पाल के सामने बड़ी चुनौती वो सब्जी विक्रेता हैं जो अवैध तौर पर सब्जियों की काला बाजारी कर उन्हें बेचकर लोगो की जान आफत में डाल रहे हैं। दरअसल, बुधवार को निगमायुक्त ने सेनेटाइज की जा रही हरी सब्जियों के केंद्रों पर जाकर व्यवस्थाओ का जायजा लिया, लेकिन उन्हें अब प्रदेश की सबसे बड़ी सब्जी मंडी के आसपास के क्षेत्रों पर नकेल कसना शुरू करना सबसे जरूरी होगा क्योंकि शहर के कई क्षेत्रो में खुले तौर पर सब्जियों का विक्रय किया जा रहा है।

बता दे कि शहर के पिपलियापाला, पिपलियराव, अंबिकापुरी, राहुल गांधी नगर, जीत नगर सहित अन्य क्षेत्रो में जगह जगह सब्जियों के नाम पर बड़ी बेफिक्री से कोरोना वायरस को बांटने की तैयारी है। इन क्षेत्रों में निगम अधिकारी अपनी पैनी नजर बनाये रखने का दावा तो कर रहे है लेकिन खानापूर्ति के अलावा नतीजा सिफर ही है। बता दे कि कोरोना संकट काल में प्रशासन लॉक डाउन का पालन करवा रहा है वही दूसरी और बीते कई दिन सब्जियों के खुला विक्रय मनमाने दामों पर किया जा रहा है। हालांकि सब्जियों के ऐसे विक्रय पर रोक लगाने के लिए कानूनी कार्रवाई के प्रावधान भी है।

इधर, निगम 150 रुपए वाले सेनेटाइज किये गए सब्जी पैकेट शहरभर में किराना विक्रेताओं द्वारा घर-घर तक पहुंचाने का दावा कर रहा हो लेकिन दूसरी तरफ निगम के जोन 13 के कई क्षेत्रों में सब्जियां घरों से बेची जा रही है। हद तो तब हो गई जब निगम के जमीनी अमले के प्रमुख ये स्वीकार रहे है कि कम मात्रा में मिली सब्जियों को वो जब्त कर रहे है ताकि बेचने वाले का नुकसान हो और वो दोबारा हरी सब्जियों का विक्रय न कर सके। अब सवाल ये उठ रहा है कि सब्जी कम मात्रा में बेची जा रही हो या ज्यादा मात्रा में जब परमिशन ही नही है तो कोई कैसे विक्रय कर रहा है। इतना ही नही ऐसे विक्रेताओं पर चालान कार्रवाई की बात भी निगम अधिकारियों द्वारा की जा रही है जबकि निगम को तत्काल इस संबंध में कानूनी प्रावधानो के तहत पुलिस के साथ सयुंक्त कार्रवाई कर ऐसे लोगो की धरपकड़ करनी चाहिए। बता दे की कोरोना वायरस की भयावहता को देख सब्जियों के खुले विक्रय पर जिला कलेक्टर मनीष सिंह ने प्रभार संभालते ही प्रतिबंध लगा दिया था क्योंकि इससे वायरस फैलने का खतरा बढ़ने की आशंका है।

वहीं निगम की सब्जी टीम के प्रमुख अधिकारी लक्ष्मीकांत वाजपेयी से इस संबंध में बात की गई तो उनका जवाब था कि शिकायत मिलने के बाद वो खुद प्रमुख मार्गों का दौरा कर चुके हैं जहां उनके सामने ऐसा कोई मामला सामने नही आया है वही उन्होंने बताया कि गलियों में जाना मुश्किल होता है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि जहां से सब्जियों का विक्रय किया जा रहा है वहा से भले ही कोरोना संक्रमण का फैलाव हो जाये लेकिन निगम को इसकी कोई चिंता नही है। सड़क पर तो कोई भी अपनी कारगुजारियों को अंजाम नही दे सकता क्योंकि वहां पुलिस होती है। अब जब निगम ने सब्जियों के अवैध विक्रय पर रोक सहित आधिकारिक विक्रेताओं को सूचीबद्ध भी किया है, ऐसे में सब्जियों की खुली बिक्री कई सवाल जोन 13 के क्षेत्रीय निगम दरोगा और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है।

बता दे कि पिपलियापाला पाल के सामने, राहुल गांधी नगर, सोनिया गांधी नगर, नानक नगर क्षेत्र ऐसे है जहां आस पास ग्रामीण इलाकों से सब्जियां खेतो से बिकने आ रही है। गौरतलब है कि पिछले दिनों नानक नगर मे अवैध सब्जी का कारोबार कर रहे कालू श्रीचंद बजाज पर निगम की टीम द्वारा छापा मार कार्रवाई की गई थी। लेकिन अब इस क्षेत्र में फिर से अवैध सब्जियों का कारोबार बड़ी तेजी से फलफूल रहा है ऐसे में निगम की पैक्ड सब्जियों की व्यवस्था का कोई औचित्य नही रह जाता है जो कि वायरस से बचाव के लिए उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है।