इंदौर, आकाश धोलपुरे। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में इन दिनों वैक्सीनेशन (vaccination) जोरों पर चल रहा है। वहीं इंदौर (Indore) शत प्रतिशत वैक्सीनेशन की राह में आगे बढ़ रहा है। लेकिन इंदौर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसके चलते अब वैक्सीनेशन प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।

यह भी पढ़ें…ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने खोला राज- आखिर उनके साथ क्यों हुई घटना, देखें वीडियो

दरअसल, यहां के विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 2 में बापट चौराहा स्थित वैक्सीन सेंटर से एक दम्पत्ति को स्लॉट बुकिंग कराने के बाद अचानक गुरुवार सुबह एक सन्देश आया। मैसेज में लिखा था कि आपका वैक्सिनेशन आज सुबह 8 बजकर 32 मिनिट पर हो चुका है। इसके लिए आपको बधाई। बता दे कि वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने वाले दम्पत्ति ने पहली डोज अप्रैल माह के पहले सप्ताह में लगवाई थी और बुधवार रात को उन्होंने वैक्सीन के दूसरे डोज के लिये स्लॉट बुकिंग के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था।

वैक्सीनेशन कार्य मे लगे कर्मचारियों की लापरवाही के चलते श्याम नगर में रहने वाले लक्ष्मीकांत गुप्ता और उनकी पत्नि रुक्मणी गुरुवार सुबह उस वक्त परेशानी में आ गए, जिस वक्त उनके मोबाइल पर ये संदेश आया की आपको वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इसके बाद दोनों ने सलाह मशवरा कर वैक्सीन सेंटर पर स्लॉट के आधार पर तय समय पर जाने का निर्णय लिया। इसके बाद बापट चौराहा स्थित सेंटर पर मौजूद कर्मचारियो को उन्होंने अपने परेशानी बताई तो वे पहले 1 बजे बाद आने का बोलकर मामले को टालने की कोशिश करने लगे। लेकिन लक्ष्मीकांत गुप्ता पीछे नहीं हटे और उन्होंने जब नियमो के हिसाब से बात की तो दोनों दम्पत्तियों को भीड़ से अलग ले जाकर जल्दी वैक्सिनेट किया गया और उन्हें जल्द जाने को भी कहा गया। वहीं बाहर आने के बाद वैक्सीनेशन के लिए पहुंचे अन्य लोगो ने उनसे बात की तो पता चला ये परेशानी तो उनके साथ भी है और कई लोगो को सुबह 8 बजकर 32 मिनिट पर ऐसा ही मैसेज आया है।

यह भी पढ़ें…Gold Silver Rate: सोने में फिर उछाल, चांदी भी चमकी, यहां देखें आज का रेट

दरअसल, वैक्सीनेशन के लिए सेंटर खुलने का समय सुबह 9 बजे रहता है। लेकिन अचानक इस मामले के सामने आने से ये बात साफ हो रही है कि कहीं ना कहीं वैक्सीनेशन प्रक्रिया में खामी है। जिन्हें गुप्ता दम्पत्ति ने उजागर किया है। हालांकि लक्ष्मीकांत गुप्ता इस मामले में सरकार की लापरवाही की बजाय उन जमीनी कर्मचारियों की लापरवाही मान रहे है जो इस पूरी प्रक्रिया की एक अहम कड़ी होते है। वहीं उनकी पत्नि रुक्मणी का आरोप है कि लोगो को इस तरह से सन्देश भेजकर गलत तरह कमाने का रास्ता तो नही निकाला जा रहा है। फिलहाल, इस पूरे मामले के सामने आने के बाद जिम्मेदार मौन है वही कई लोग ऐसे भी सामने आ रहे है जिनको वैक्सीन की पहली डोज भी नही लगी बावजूद इसके उनके पास वैक्सिनेट होने के मैसेज आ रहे है लिहाजा, सवाल उठना लाजिमी है।