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इंदौर| इंदौर के एमआईजी थाने में फरवरी 2015 में कोर्ट कर्मचारी पंकज वैष्णव द्वारा लगाई गई फांसी मामले में आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरणा के आरोपी बनाए गए टीआई एम.ए .सैयद की जमानत का आवेदन खारिज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। हालांकि कोर्ट के आदेश के बाद आरोपी टीआई जेल जाने के पहले मेडिकल चेकअप के एम.वाय. अस्पताल ले जाया गया जहां सयैद ने सांस लेने में तकलीफ होने की बात की और वो वही भर्ती हो गए। दरअसल, सोमवार को  टीआई सैयद द्वारा हाई कोर्ट के निर्देश खुद सरेंडर करने के लिए कोर्ट में पेश हुए जिसके बाद फरियादी के वकील ने जमानत देने की बात पर दलील दी कि आरोपी अपने पद का प्रभाव इस्तेमाल कर जांच को भटका सकता है जिसके बाद आरोपी टीआई को जमानत नही मिली। मृतक पंकज की माँ फुलकुंवर बाई की ओर से एडवोकेट धर्मेंद्र गुर्जर व गगन बजाड़ ने जमानत पर आपत्ति ली। एडवोकेट गुर्जर ने बताया कि तर्को के आधार पर कोर्ट ने आरोपी टीआई का जमानत आवेदन खारिज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए। कोर्ट कर्मचारी पंकज वैष्णव द्वारा एमआईजी थाने में करीब चार साल पहले पहले  2015 को फांसी लगाने की घटना हुई थी। इस मामले में पुलिस द्वारा एम आई थाने के तत्कालीन टीआई सैयद व तीन पुलिसकर्मियों धारा 306 आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करना व अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर कुछ दिन पहले चालान कोर्ट में पेश किया गया था। वही न्याय मिलने के बाद मृतक की माँ ने कहा आज उनकी आत्मा को शांति मिली है हालांकि उन्होंने कहा की अभी पूरी तरह  से न्याय नहीं मिला है   और सीआईडी जाँच से संतुष्ट  नहीं है । फिलहाल , न्यायालय ने आरोपी टीआई की जमानत खारिज कर दी है और ये इंदौर के इतिहास सम्भवतः पहला मामला होगा जब किसी टीआई को कोर्ट ने संगीन मामले में जेल पहुंचाया है।