Indore News : पुलिस की इस सजा से बदलेगा नशे के दलदल में फंसे युवाओं का भविष्य

Indore  News : इंदौर शहर में फल फूल रहे नशे के कारोबार और बढ़ते अपराधों को नियंत्रण करने के लिए पुलिस ने अब एक नया तरीका ढूंढ निकाला है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उन्हें नशा मुक्ति केंद्र भेजना शुरू कर दिया आरोपियों को जमानत भी इसी आधार पर दी जा रही है कि वह नशे से तौबा कर लेंगे तो उन्हें जमानत दे दी जाएगी इसके लिए पुलिस आरोपियों के वकीलों से मेडिकल सर्टिफिकेट सेंटर के साथ रिहेब सेंटर के पत्र की जांच करने के बाद उन्हें जमानत का लाभ दे रही है यह बात खुद डीसीपी आदित्य मिश्रा ने मीडिया के समक्ष कही है।

शहर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में एक नशे की आदी युवती द्वारा अपने ही भाई पर चाकू से हमला कर दिया गया था आरोपी युवती सोनू डिअर उर्फ आरती क्षेत्र की लिस्ट बदमाशों की सूची में शामिल है पुलिस को कई बार आरोपी सोनू डियर उर्फ आरती के खिलाफ शिकायत मिल चुकी है लेकिन नशे की आदी होने के के कारण पुलिस सख्त कार्रवाई करने के बावजूद उस पर लगाम नहीं लगा पा रही है जिसके चलते पुलिस ने अब आरोपी सोनू डिअर उर्फ आरती को अपने भाई पर चाकू से हमला करने के मामले में गिरफ्तार कर लिया है जिससे पूछताछ की जा रही है डीसीपी आदित्य मिश्रा के मुताबिक आरोपी नशे की आदी है और वह नशा किस से खरीद कर इसका सेवन करती है इसकी भी जांच की जा रही है पूछताछ के बाद संबंधित आरोपी पर भी कार्रवाई की जाएगी।

डीसीपी आदित्य मिश्रा द्वारा बताया गया कि अब बदमाशों पर लगाम लगाने के साथ ही शहर के अपराधों को रोकने के लिए पुलिस ने एक नवाचार शुरू कर दिया है जो भी नशे का आदि बदमाश पुलिस के हाथ आ रहा है उसे जमानत देने के पहले शर्त रखी जाती है कि वह जमानत पर रिहैब सेंटर में जाकर नशे से दवा करेंगे और इसके एवज में पुलिस आरोपी की जमानत के लिए पहुंचने वाले वकीलों से मेडिकल सर्टिफिकेट और रिहैब सेंटर का पत्र भी दस्तावेजों के साथ कार्रवाई में शामिल किया जाता है साथ ही पुलिस समय-समय पर रिहैब सेंटर में जाकर चेक भी करती है कि आरोपी नशा मुक्ति केंद्र में जाकर दोबारा नशा करना तो नहीं शुरु कर चुका है जिसके कारण शहर में वह दोबारा अपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे सके।
इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट


About Author
Amit Sengar

Amit Sengar

मुझे अपने आप पर गर्व है कि में एक पत्रकार हूँ। क्योंकि पत्रकार होना अपने आप में कलाकार, चिंतक, लेखक या जन-हित में काम करने वाले वकील जैसा होता है। पत्रकार कोई कारोबारी, व्यापारी या राजनेता नहीं होता है वह व्यापक जनता की भलाई के सरोकारों से संचालित होता है। वहीं हेनरी ल्यूस ने कहा है कि “मैं जर्नलिस्ट बना ताकि दुनिया के दिल के अधिक करीब रहूं।”

Other Latest News