इंदौर के नतीजों में होगी देरी, 24 को आने के आसार, कटनी में सबसे तेज होगी काउंटिंग

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भोपाल। मप्र में लोकसभा चुनाव के लिये चार चरणों में मतदान के बाद अब 23 मई को होने वाले मतगणना के लिये तगड़े इंतजाम किये गये हैं। मतों की गणना सुबह 8 बजे से शुरू होगी। सबसे पहले डाक मत पत्रों की गणना होगी। मतगणना के बाद चुनाव परिणाम पर सबकी नजरें है। मतगणना के लिये सबसे अधिक 29 राउंड इंदौर संसदीय क्षेत्र के लिये होगा। ऐसे में यहां परिणाम सबसे आखिर में आने की संभावना है। इसी तरह कटनी जिले में 14 राउंड होंगे। ऐसे में यहां के मतों की गणना सबसे पहले हो जाएगी। कटनी जबलपुर संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है। ऐसे में जबलपुर से पहला परिणाम आ सकता है। इसी तरह देवास, धार और खरगौन संसदीय क्षेत्र से भी पहले परिणाम आ सकता है।

प्रदेश के सभी 29 संसदीय क्षेत्रों में मतगणना के औसतन 20.5 राउंड होंगे। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्हीएल कांताराव के मुताबिक रात 10 बजे तक पहला परिणाम आ सकता है। प्रदेश के ऐसे संसदीय क्षेत्र जहां 25 से अधिक उम्मीदवार हैं, वहां 20 से अधिक राउंड होंगे।

केंद्रीय बलों की 17 कंपनियां कर रही स्ट्रांग रूम की सुरक्षा

सभी 51 स्ट्रांग रूम जहां कि ईव्हीएम को रखा गया है, वहां केंद्रीय बलों की 17 कंपनियों को सुरक्षा के लिये तैनात किया गया है। एक स्ट्रांग रूम में एक प्लाटून तैनात किया गया है। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिये थ्री टीयर सुरक्षा के इंतजाम किये गये हैं। बाहर राज्य पुलिस, बीच में राज्य सशस्त्र बल और स्ट्रांग रूम के करीब केंद्रीय बल तैनात है। आयोग के निर्देशों के मुताबिक कलेक्टर प्रतिदिन स्ट्रांग रूम का निरीक्षण कर रहे हैं। आयोग ने स्ट्रांग रूम के लिये भी 14 बिंदु तय किये गये हैं, यहां इन बिंदुओं की पालन किया जा रहा है या नहीं यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है।

311 कमरों में होगी गणना

प्रदेश के 51 स्ट्रांग रूम से ही लगकर काउंटिंग सेंटर भी बनाये गये हैं। कुल 292 काउंटिंग हाल हैं। यहां 7, 14, 21 और 28 टेबिल लगाये गये हैं। 19 कमरों में पोस्टल बैलेट की गिनती का इंतजाम किया गया है। इस तरह कुल 311 हॉल और कमरों में वोटों की गिनती होगी। 230 विधानसभा क्षेत्रवार काउंटिंग के लिये टेबिल लगाये गये हैं। चार क्षेत्रों में 21-21 टेबिल लगाये गये हैं।

3248 टेबिलों में होगी वोटों की गणना

ईव्हीएम से वोटों की गणना के लिये कुल 3248 टेबिल लगाये गये हैं। कुल 167 टेबिलों में पोस्टल बैलेट की गणना होगी। इस दौरान 3409 काउंटिंग एजेंट रह सकेंगे। 913 सहायक रिटर्निंग अधिकारियों की तैनाती की गई है। 29 रिटर्निंग अधिकारी भी रहेंगे। कुल 15 हजार कर्मचारी की ड्यूटी मतगणना में लगाई जाएगी। इसी तरह 9 हजार पुलिस कर्मियों की भी तैनाती की गई है। काउंटिंग स्थल पर 1800 सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। मतगणना का काम 8 बजे से शुरू होगा। वहीं सबेरे 7 बजे स्ट्रांग रूम खोले जाएंगे। मतगणना की निगरानी 104 आब्जर्वर भी करेंगे।

ईव्हीएम में रिजल्ट डिस्प्ले नहीं होगा, तो वीवीपैट से होगी गणना

यदि मतगणना के दौरान किसी ईव्हीएम से रिजल्ट डिस्प्ले नहीं होगा। तो फिर वीवीपैट से मतों की गणना की जाएगी। वहीं चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत संसदीय क्षेत्र के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के पांच- पांच वीवीपैट का चयन लाटरी सिस्टम से किया जाएगा और फिर वीवीपैट औेर ईव्हीएम के वोटों से मिलान किया जाएगा। वीवीपैट के स्लिप की गणना मतगणना के बाद सबसे आखिर में की जाएगी।