इंदौर: कई ग्रामीण क्षेत्रों में धारा-144, धरना और जुलूस समेत डीजे पर भी प्रतिबंध

मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में धारा -144 के तहत कई कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। दरअसल, फिलहाल कई ग्रामीण क्षेत्रों में माहौल को सही रखने और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बिना इजाजत के रैली, सभा, आम सभा, धरना, जुलूस, मौन जुलूस यहां तक कि डीजे और लाउडस्पीकर पर भी प्रतिबंध लगाए गए।

इंदौर, डेस्क रिपोर्ट। मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में धारा -144 के तहत कई कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। दरअसल, फिलहाल कई ग्रामीण क्षेत्रों में माहौल को सही रखने और कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बिना इजाजत के रैली, सभा, आम सभा, धरना, जुलूस, मौन जुलूस यहां तक कि डीजे और लाउडस्पीकर पर भी प्रतिबंध लगाए गए। इसका मतलब यह है कि किसी भी कार्यक्रम को लिए शुरू करने के लिए लोगों को प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। जो भी इन आदेशों का उल्लंघन करेगा उन्हें दंड संहिता धारा -188 के तहत उन पर कार्रवाई भी की जाएगी।

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बता दें कि यह प्रतिबंध इंदौर के ग्रामीण क्षेत्रों में 31 मई 2022 तक लागू रहेंगे। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पवन जैन ने धारा -144 के तहत इंदौर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं।  इस लिस्ट में मानपुर, महू, किशनगंज, बड़ौदा, सिमरोल, देपालपुर, बेटमा, गौतमपुरा, चंद्रावतीगंज, सांवेर रोड, खुडैल और क्षिप्रा भी शामिल है। इस समय इन क्षेत्रों में जुलूस रैली धरना प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं होगी। किसी प्रकार के संस्था, संगठन और समूह का आयोजन करने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी और जब तक उन्हें इस बात की इजाजत ना मिल जाए तब तक वह कहीं भी प्रचार-प्रसार भी नहीं कर सकेंगे।

हालांकि इन प्रतिबंधों से न्यायाधिपती, प्रशासनिक अधिकारी, न्यायधीश, शासकीय अभिभाषक, सुरक्षाकर्मी और अन्य किसी सरकारी ड्यूटी पर लगाए गए कर्मचारियों पर रोक नहीं लगाया गया है। साथ ही पुलिसकर्मी और बैंक गार्ड भी इन प्रतिबंधों से आजाद रहेंगे। इस दौरान किसी प्रकार के कटआउट, बैनर, पोस्टर, फ्लेक्स और झंडा  इस तरह के किसी भी सामान पर रोक लगाया गया है, जो धर्म, संप्रदाय, जाति, समुदाय या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाए उनपर भी प्रतिबंध लगे है। प्राइवेट और सार्वजनिक जगहों पर प्रदर्शन करना भी पूर्ण रूप से प्रतिबंधित होगा