कैलाश की खरी-खरी : इंदौर की जनता ने बनाया नंबर वन, कलेक्टर बनाते तो उज्जैन भी होता

इंदौर के नगर निगम कमिश्नर रहे आशीष सिंह के उज्जैन कलेक्टर रहते हुए भी दो साल होने को आए लेकिन कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ।

BJP सांसद

इन्दौर,डेस्क रिपोर्ट। बीजेपी के फायरब्रांड नेता कैलाश विजयवर्गीय (BJP Leader Kailash Vijayvargiya) ने एक बार फिर मध्य प्रदेश की नौकरशाही को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इंदौर (indore) को स्वच्छता के क्षेत्र में नंबर वन बनने का श्रेय सफाई मित्रों और जनता को दिया है और कहा है कि यदि अधिकारी ऐसा कर पाते तो उज्जैन भी नंबर वन होता। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर को स्वच्छता के क्षेत्र में नंबर वन बनने का सबसे बड़ा सफाई मित्रों को दिया है। उनका कहना है कि सफाई मित्रों की दिन-रात की मेहनत की वजह से ही इंदौर राष्ट्रीय पटल पर चमका है।

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कैलाश ने कहा कि यदि इसके बाद किसी को श्रेय जाता है तो वह इंदौर की जनता है जिसने सफाई को न केवल आत्मसात किया बल्कि दैनिक दिनचर्या में भी शामिल कर लिया और जिसकी वजह से इंदौर यह मुकाम हासिल कर पाया। कैलाश ने तंज कसते हुए कहा कि अगर कलेक्टर इंदौर को नंबर वन बनाने के लिए जिम्मेदार होते तो वे उज्जैन के भी कलेक्टर रहे हैं और उज्जैन भी इसी शीर्ष स्थान पर होता। इतना ही नहीं, कैलाश ने उज्जैन के वर्तमान कलेक्टर आशीष सिंह को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब वे इंदौर के नगर निगम कमिश्नर थे तब भी इंदौर नंबर वन आया था और वे अमिताभ बच्चन के हाथों सम्मानित भी हुए थे लेकिन उज्जैन कलेक्टर बनने के बाद भी वे उसे शीर्ष स्थानों में नहीं ला पाए। कैलाश ने मीडिया को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कि ज्यादा अधिकारियों की मालिश मत किया कीजिए। जितना सच में बोल रहा हूं, उतनी सच बोलने की किसी की हिम्मत नहीं है।

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उल्लेखनीय है कि जब मनीष सिंह, जो वर्तमान में इंदौर के कलेक्टर हैं, इंदौर के नगर निगम कमिश्नर हुआ करते थे, तब इंदौर स्वच्छता के क्षेत्र में पहली बार नंबर बना था। मनीष सिंह बाद में उज्जैन के कलेक्टर भी बने लेकिन वहां किसी तरह की कोई प्रगति नहीं हुई। इतना ही नहीं, इंदौर के नगर निगम कमिश्नर रहे आशीष सिंह के उज्जैन कलेक्टर रहते हुए भी दो साल होने को आए लेकिन कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं हुआ।